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कॉन्ट्रैक्ट किलर गिरफ्तार: महिला से सुपारी ले पति के किए थे टुकड़े, 12 साल लगे पहचानने में; 10 साल से थे फरार

Tue, 07 Jul 2026 08:21 PM IST
Akash Dubey अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

दिल्ली पुलिस ने राजौरी गार्डन में हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा पाए दो सगे भाइयों फिरासत अली और शाहनवाज अली को गिरफ्तार किया है। फिरासत अली 2006 के मुंबई कॉन्ट्रैक्ट किलिंग केस में भी फरार था।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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दिल्ली पुलिस ने दिल्ली के राजौरी गार्डन थाना इलाके में हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा पाए दो सगे भाइयों फिरासत अली (56) और शाहनवाज अली (51) को गिरफ्तार किया है। आरोपी फिरासत अली 2006 में मुंबई के एक कॉन्ट्रैक्ट किलिंग केस में फरार था। इस मामले में मृतक की पत्नी ने अपने पति की हत्या के लिए इसने 2 लाख रुपये की सुपारी दी थी। आरोपी ने महिला के पति की हत्या कर शव के कई टुकड़े कर दिए थे। उसने शव की पहचान छिपाने के लिए मृतक का सिर और हाथ-पैर काटकर शरीर के टुकड़े-टुकड़े कर दिए थे और धड़ को प्लास्टिक बैग में लपेटकर मुंबई के भेंडी बाजार के पास फेंक दिया था। आरोपी फिरासत अली को मुंबई पुलिस ने 2018 में मुंबई कॉन्ट्रैक्ट किलिंग केस में गिरफ्तार किया था। जमानत पर रिहा होने के बाद वह फिर से फरार हो गया था।

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अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त संजीव कुमार यादव ने बताया कि शाखा की एआरएससी में तैनात इंस्पेक्टर रॉबिन त्यागी दो भगोड़े भाइयों फिरासत अली और शाहनवाज अली को मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश) और गोड्डा (झारखंड) से गिरफ्तार किया है। दोनों भाइयों ने वर्ष 1996 में राजौरी गार्डन पुलिस स्टेशन इलाके में भी एक हत्या की थी। इस मामले में इनको वर्ष 2000 में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। दिल्ली हाईकोर्ट ने वर्ष 2000 में दोनों को जमानत पर रिहा कर दिया था। वर्ष 2016 में उनकी अपील खारिज कर दी गई और उन्हें बची हुई सजा काटने के लिए सरेंडर करने के लिए कहा गया, मगर आरोपियों ने सरेंडर नहीं किया था।

दिल्ली में पुरानी साड़ी को लेकर की थी हत्या-
शिकायतकर्ता शराफत अली अपने पांच भाइयों के साथ दिल्ली के रघुबीर नगर में घोड़े वाला मंदिर के पास पुराने कपड़ों के बाजार में पुराने कपड़े खरीदने के लिए 27 सितंबर, 1996 को सुबह 5 बजे गए थे। बाजार में मुरादाबाद के रहने वाले उसके पड़ोसी शाह नवाज के साथ एक पुरानी साड़ी खरीदने को लेकर बहस हो गई। 

शाह नवाज ने शिकायतकर्ता के भाई इश्तियाक अहमद उर्फ पप्पू को धमकी दी और गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी देकर चला गया। बाद में उसी दिन शाम करीब 4:30 बजे जब शिकायतकर्ता और उसके भाई रघुबीर नगर में अपने कमरे में आराम कर रहे थे तभी शाह नवाज अपने भाइयों फिरासत अली और अरशद अली और उनके साथी जहांगीर खान के साथ चाकू लेकर जबरदस्ती घर में घुस आए और घर में मौजूद लोगों पर जानलेवा हमला कर दिया। 

आरोपियों ने इश्तियाक अहमद उर्फ पप्पू पर बाथरूम में हमला कर दिया। उसकी गर्दन व छाती में चाकू से कई बार किए। इसके बाद जहांगीर खान ने भूरा को पकड़ लिया और अरशद अली ने उसकी छाती में चाकू मारे। जब एक और भाई, डब्बू ने बीच-बचाव करने की कोशिश की तो अरशद अली ने उसके कंधे पर भी चाकू से वार किया। डीडीयू अस्पताल में पप्पू की मौत हो गई थी। इस मामले में ये वर्ष 2016 से फरार थे। 

सुपारी लेकर की हत्या-
14 मई, 2006 को मुंबई के भिंडी बाजार इलाके में मस्तान तालाब के पास प्लास्टिक बैग में इंसान का धड़ मिला। मृतक का सिर और हाथ-पैर नहीं मिल सके, क्योंकि आरोपियों ने मृतक की पहचान छिपाने के लिए शरीर के बाकी हिस्सों को गायब कर दिया था। हालांकि कई वर्षों तक मृतक और अपराधियों की पहचान का पता नहीं चल सका। 
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जनवरी 2018 में घटना के लगभग बारह साल बाद, मुंबई पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि बरामद धड़ किसान खारवा का था। जांच के दौरान पुलिस ने मृतक की पत्नी बंसीबेन खारवा के साथ-साथ फरासत अली और इरशाद अली को गिरफ्तार किया था। मृतक किसान खारवा शराब का आदी था और अपनी पत्नी बंसीबेन खारवा के चरित्र पर अक्सर शक करने के अलावा उसके साथ मारपीट और दुर्व्यवहार करता था। इसी वजह से, बंसीबेन खारवा ने फरासत अली और इरशाद अली को 2 लाख रुपये देकर अपने पति की हत्या का कॉन्ट्रैक्ट दिया।
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