एटीएस और पश्चिम बंगाल पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में दो बांग्लादेशियों के सूरजपुर कोतवाली क्षेत्र से गिरफ्तार होने से कई सवाल उठने लगे हैं। इनमें सबसे बड़ा सवाल यह है कि कहीं स्वतंत्रता दिवस पर आतंकियों ने दिल्ली या एनसीआर में कोई बड़ी वारदात की साजिश तो तैयार नहीं की थी। हालांकि, इस संबंध में कोई अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन आतंकी दिल्ली से सूरजपुर लौटे थे।
एटीएस ने जानकारी दी है कि गुप्त सूचना के आधार पर सूरजपुर कोतवाली क्षेत्र के यामाहा तिराहे के पास से आतंकी रूबैल अहमद और मुसर्रफ हुसैन को गिरफ्तार किया गया। दोनों जमात-उल-मुजाहिद्दीन बांग्लादेश के सदस्य हैं। दोनों को सूरजपुर कोतवाली में ले जाने के बाद कोर्ट में पेश कर पांच दिन के ट्रांजिट रिमांड पर लिया गया।
दोनों आतंकी अन्य साथियों के साथ बांग्लादेश पुलिस के दबाव में भागकर भारत में आकर रहने लगे थे। जानकारी दी गई है कि दोनों कुछ दिनों से गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद जिले में छिपकर रह रहे थे और काम भी कर रहे थे। इनके अन्य साथियों के भी जिले व आसपास के जिले में छिपे होने की आशंका है। अब तक जांच एजेंसियां ये स्पष्ट नहीं कर पाईं हैं कि इनका यहां छिपने का क्या मकसद था।