अमित के मोबाइल फोन कॉल रिकार्ड से पता चला कि जिस दिन अमित गायब हुआ था उससे पहले उसकी नवीन से बातचीत हुई थी। इसके बाद पुलिस ने नवीन के घर पर दबिश दी, लेकिन वह फरार था। इसी बीच 17 अक्तूबर को केएन काटजू इलाके में नहर से अमित और उसके नौकर का शव मिल गया। छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला कि नवीन ने अपने दो दोस्तों के साथ वारदात को अंजाम दिया है।
पुलिस ने रविवार को खेड़ाखुर्द इलाके से उसके दोस्त एंथोनी बाघेर को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने अपना गुनाह स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि नवीन ने साजिश के तहत अमित को रुपये लेने के लिए प्रह्लादपुर बुलाया, जहां कहासुनी होने पर नवीन ने अमित को तीन गोली मारी। बीच-बचाव करने पर उसके नौकर के सिर में एक गोली मार दी और शवों को मुनक नहर में फेंक दिया। पुलिस नवीन और उसके एक दोस्त की तलाश कर रही है।
अमित से पैसे लेकर उसे ब्याज पर दे दिया था
जांच में पता चला कि नवीन ने अमित से ब्याज पर रुपये लेने के बाद उसे दूसरे को ज्यादा ब्याज पर दे दिया था, लेकिन समय पर नवीन को रुपये वापस नहीं मिले। इस वजह से वह अमित को रुपये नहीं लौटा पा रहा था, जिसकी वजह से उनके बीच विवाद हो गया। अमित उसकी कार को उठाकर ले गया था। इस बात को लेकर नवीन काफी गुस्से में था और उसने इस बात को लेकर अमित से बदला लेने की साजिश रची। रुपये लेने के बहाने उसे अपने पास बुलाकर उसने अमित की गोली मारकर हत्या कर दी।