एडिशनल डीसीपी ग्रेटर नोएडा सुधीर कुमार ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली कि कुछ बदमाश भाटी गोल चक्कर के पास संदिग्ध अवस्था में घूम रहे हैं। जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों आरोपियों की दबोच लिया। आरोपियों ने बताया कि वह दिल्ली, मेरठ, नोएडा, ग्रेटर नोएडा समेत हरियाणा के कई जिलों से कंपनी और फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूरों की बाइक को चुराते थे। आरोपी ज्यादार स्पेलंडर, सुपर स्पेलंडर, होंडा एसपी आदि बाइक का ताला तोड़कर निशाना बनाते हैं।
आरोपी चोरी की बाइक को श्मशान घाट के पास औद्योगिक क्षेत्र के खाली पड़े प्लॉट की झाड़ियों में छिपाकर खड़ी करते थे। बाद में सोशल मीडिया पर स्टोरी लगाकर सस्ते दामों में बेच देते थे। आरोपियों की निशानदेही से पुलिस ने चोरी की सात बाइक भी बरामद की है। बाइक को चुराने के बाद आरोपी इंस्टाग्राम पर इसकी रील बनाकर लगाकर उनको बेचते देते थे। एक बाइक को आठ से 10 हजार रुपये में चोरी की बाइक को बेचते थे। आरोपी ग्रेटर नोएडा में किराए का कमरा लेकर पिछले करीब पांच वर्ष से चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहे थे। आरोपी अबतक 10 से अधिक वारदात को अंजाम दे चुके हैं। गिरोह के अन्य साथियों की तलाश जारी है। आरोपी शातिर अपराधी है। जो कम उम्र से ही चोरी की घटनाओं का अंजाम दे रहे थे।
पकड़े जाने के डर से इंस्टाग्राम के माध्यम से बेचते थे वाहन
आरोपी पकड़े जाने के डर से इंस्टाग्राम के माध्यम से ग्राहकों से संपर्क करते थे। उन्होंने सस्ते दाम पर बाइक खरीदने का लालच देते थे। जो ग्राहक संपर्क करके थे उन्हें इंस्टाग्राम पर अपना नंबर देते थे। फिर बाइक खरीदने वाले को अपने पते पर बुलाते थे। आरोपियों को वाहन बेचने के बाद वाहन को ट्रांसफर नहीं कराते थे। आरोपी खासतौर से ऐसे लोगों को वाहन बेचते थे, जो वाहनों का प्रयोग देहात क्षेत्र में निजी काम के लिए करते हो।
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