लूट व चोरी के मोबाइल का ऐक्टिवेशन कोड क्रैक करके और मोबाइल डेटा डिलीट कर उसे कैशिफाई ऑनलाइन कंपनी को बेचने वाला बीबीए छात्र शुक्रवार को पुलिस के हत्थे चढ़ा है। आरोपित की पहचान फरीदाबाद के खेड़ी कला गांव निवासी नितेश शर्मा (19) के रूप में हुई है।
पुलिस ने उसके एक नाबालिग साथी को भी गिरफ्तार कर लिया है। नाबालिग आरोपित अपने साथी के साथ मोबाइल लूटकर नितेश को देता था। मोबाइल खरीदते या बेचते समय कैशिफाई वाले ग्राहक व विक्रेता का पूरा डिटेल लेते थे। लेकिन वे मोबाइल के कागजात नहीं लेते थे। इसलिए कैशिफाई की भूमिका भी संदेह के घेरे में है, जिसकी जांच की जा रही है।
दक्षिणी दिल्ली जिला के पुलिस उपायुक्त अतुल कुमार ठाकुर ने बताया कि मार्च महीने में एक युवक से बाइक सवार दो बदमाशों ने मोबाइल लूटा था। मालवीय नगर थाने में यह मामला दर्ज था। एसएचओ इंस्पेक्टर युद्धवीर सिंह के नेतृत्व में एएसआई सुनील व कांस्टेबल प्रवीण की टीम के साथ जिले की नारकोटिक्स स्क्वायड इस मामले की जांच कर रही थी।
सर्विलांस के जरिये पता चला कि यह मोबाइल राजस्थान के अलवर में वकील नाम का व्यक्ति चला रहा है। उसने पुलिस को बताया कि यह मोबाइल नूंह स्थित मुस्तफा टेलीकॉम से खरीदा था। उसने इसका बिल भी दिखाया। मुस्तफा टेलीकॉम के मालिक ने पुलिस को बताया कि उसने कैशिफाई पोर्टल से यह मोबाइल खरीदा है।
गुरुग्राम स्थित कैशिफाई के कारपोरेट ऑफिस में अधिकारियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने मोबाइल नितेश शर्मा से खरीदा था। उन्होंने नितेश के बैंक अकाउंट में पैसे ट्रांसफर किए जाने का स्टेटमेंट भी दिया। इस पर पुलिस ने नितेश को गिरफ्तार कर लिया। नितेश ने बताया कि वह फरीदाबाद स्थित आईएमटी कॉलेज से बीबीए कर रहा है। कुछ माह पहले वह ओएलएक्स पर एक नाबालिग के संपर्क में आया था। वही उसे चोरी व लूट के मोबाइल देता था।
नितेश उसका एक्टिवेशन कोड क्रैक करके डेटा डिलीट कर देता था। फिर वह फरीदाबाद के क्राउन इंटीरियोज मॉल स्थित कैशिफाई के ब्रांच ऑफिस में मोबाइल बेच देता था। इसके बाद दोनों पैसे बांट लेते थे। अबतक वह नाबालिग से मिले चार मोबाइल कैशिफाई को बेच चुका है। पुलिस ने नाबालिग से पूछताछ की तो उसने बताया कि उसने 16 मार्च को अपने एक साथी नागेंद्र उर्फ नागी के साथ हीरो नस्प्लेङंडर बाइक से मोबाइल झपटा था। मई में गिरफ्तार होने के बाद से ही नागेंद्र जेल में है।