- ट्रैफिक धोखाधड़ी और वसूली सिंडिकेट के अब तक 20 आरोपी गिरफ्तार
-सोशल मीडिया पर संपादित वीडियो डालकर पुलिस पर बनाते थे दबाव
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने दो अलग-अलग ट्रैफिक धोखाधड़ी और वसूली सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों जय भगवान (38) व शिवम शर्मा (26) को गिरफ्तार किया है। जय भगवान गिरोह का मुख्य सरगना है। ये फर्जी पास देकर व्यावसायिक वाहनों का नो इंट्री में प्रवेश कराते थे। अपराध शाखा में इस मामले के बनाई गई एसआईटी ने अब तक अलग-अलग सिंडिकेट के सरगनाओं समेत कुल 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से कुल 282 मार्का/स्टिकर, 6 मोबाइल और एक स्विफ्ट डिजायर कार बरामद की है।
अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त संजीव कुमार यादव ने बताया कि शाखा की एंटी-रॉबरी एंड स्नैचिंग सेल (एआरएससी) में तैनात इंस्पेक्टर केके शर्मा और इंस्पेक्टर रॉबिन त्यागी की टीम ने इन गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरफ्तार आरोपी नो-एंट्री पाबंदियों के दौरान कामर्शियल मालवाहक गाड़ियों की आवाजाही में मदद करते थे, जिसके लिए वह हर महीने प्रति गाड़ी 2000 से 5000 रुपये में स्टिकर/मार्का बेचते थे। उन्होंने बताया कि इस तरह के फर्जीवाड़े को लेकर दर्ज एफआईआर को लेकर बनाई गई एसआईटी जांच कर रही थी। एसआईटी ने मूलरूप से चरखी दादरी, हरियाणा निवासी व विजय विहार, रिठाला दिल्ली में रह रहे जयभगवान को गिरफ्तार किया है। दूसरे संगठित तरीके से किए जा रहे ट्रैफिक धोखाधड़ी/जबरन वसूली के मामले में जिला फर्रुखाबाद,यूपी निवासी शिवम शर्मा को फर्रुखाबाद यूपी से छह मार्च को गिरफ्तार किया है।
दबाव बनाते थे : आरोपी तब वीडियो बनाते थे जब पुलिसकर्मी नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के ड्राइवरों पर कार्रवाई करने में व्यस्त होते थे और बाद में इन वीडियो को संपादित कर दिया जाता है। इसके बाद यह सिंडिकेट दिल्ली ट्रैफिक पुलिस कर्मियों के इन बदले हुए/एडिट वीडियो को विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड कर देता है, ताकि पुलिसकर्मियों पर नो एंट्री के समय के दौरान उनके वाहनों को छोड़ने का दबाव बनाया जा सके।