चाणक्यपुरी के पालिका सेवा अधिकारी संस्थान (पीएसओआई) में शनिवार से शुरू हुए दो दिवसीय आम महोत्सव खास-ए-आम में 2.5 किलो का आम राजा वाला लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा। आम महोत्सव में 515 प्रकार के आम प्रदर्शित किए गए। जो देश के विभिन्न राज्यों के किसानों ने उगाए हैं।
कई अन्य देशों के आम भी यहां प्रदर्शित किए गए। आम महोत्सव में कुछ संकर किस्मों को भी प्रदर्शित किया जा रहा है, जो उत्तर भारत और दक्षिण भारत की किस्मों से मिलाकर उगाए गए हैं।
आम महोत्सव का शुभारंभ करते हुए नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने कहा किसान समितियों, अनुसंधान संस्थानों और विक्रेताओं से सीधे संपर्क करके महोत्सव का आयोजन किया गया।
उन्होंने कहा कि आम महोत्सव में विभिन्न आम अनुसंधान संस्थान भाग ले रहे हैं। अनुसंधान संस्थान के प्रतिनिधि ने कहा है कि अगले कुछ दिनों में आम की एक विशेष किस्म विकसित की जाएगी, जिसका नाम ऑपरेशन सिंदूर की याद में सिंदूर रखा जाएगा।
चहल ने बताया कि दो सरकारी आम अनुसंधान संस्थानों ने प्रदर्शित आमों की लगभग 515 किस्में व 10 आम उत्पादक, किसान समितियां, 25 आम विक्रेताओं ने बिक्री के लिए अपने स्टॉल लगाएं है।
सरकारी शोध संस्थान आईसीएआर-सीआईएसएच लखनऊ ने लगभग 250 किस्मों को प्रदर्शित किया है। इसमें दशहरी, लंगड़ा, चौसा, मल्लिका, आम्रपाली, अमीगा, अरुणिका और कई अन्य किस्में और संकर शामिल हैं।
आईसीएआर-आईएआरआई नई दिल्ली ने पूसा लालिमा यानी रंगीन किस्मों सहित अपनी किस्में प्रदर्शित की हैं। जबकि कुल 10 किसान समितियों समेत अन्य प्रत्येक स्टॉल पर 100 से अधिक किस्में प्रदर्शित कर रहे हैं।