इसके अलावा, दिल्ली द्वारका जिले के मोहन गार्डन इलाके में शनिवार को दृष्टिहीन हरि वल्लभ (51) और पत्नी शांति सिंह (47) की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। हरि वल्लभ कंझावला के सरकारी स्कूल में संगीत के शिक्षक थे। शनिवार शाम बेटी घर पहुंची तो माता-पिता को खून से लथपथ पाया। फौरन पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस कैट्स एंबुलेंस की मदद से दोनों को नजदीकी अस्पताल ले गई, जहां दोनों को मृत घोषित कर दिया गया। शुरुआती जांच के बाद पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घर में फ्रेंड्ली एंट्री हुई है। वारदात में किसी करीबी का हाथ हो सकता है।
पुलिस के मुताबिक, हरि वल्लभ द्वारका मोड़ स्थित भगवती गार्डन एक्सटेंशन में तीसरी मंजिल के फ्लैट में पत्नी शांति, बेटी दृष्टि (27) और बेटे ऋषभ (23) के साथ रहते थे। दृष्टिहीन हरि कंझावला के स्कूल में संगीत शिक्षक थे, जबकि शांति घर में रहती थीं। दृष्टि एमबीए कर रही है, जबकि बेटा ऋषभ इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है।
घर में हरि का एक रिश्तेदार युवक भी रहता था। वह प्राइवेट नौकरी के अलावा प्रॉपर्टी डीलिंग करता है। शनिवार शाम करीब 7:00 बजे दृष्टि अपने रिश्तेदार के साथ घर पहुंची तो देखा कि दरवाजा खुला था। अंदर कमरे में खून ही खून बिखरा था।
पुलिस के मुताबिक, महिला का शव बेड पर था, जबकि हरि वल्लभ का शव जमीन पर। उनकी गर्दन व पेट में चाकू के कई घाव थे। अगले दिन दृष्टिहीन संगीत शिक्षक और उसकी पत्नी की हत्या की गुत्थी को पुलिस ने सुलझाने का दावा किया। पुलिस ने दंपती के साथ घर में डेढ़ साल से रह रहे युवक और उसके सहयोगी को गिरफ्तार कर घर से लूटे 1.40 लाख रुपये, खून से सने कपड़े और चाकू बरामद कर लिया है।
पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया है कि वह दंपती की बेटी से शादी कर संपत्ति पर कब्जा करना चाहता था। दंपती को जब उसके शादीशुदा होने की जानकारी मिली तो उन्होंने बेटी की शादी किसी दूसरे से तय करने की कोशिश में जुट गए। जिससे परेशान होकर उसने दंपती को रास्ते से हटाने की साजिश रची।
वसंत विहार में तिहरा हत्याकांड
- फोटो : हिमांशु सोनी
इसके अलावा, शनिवार रात वसंत विहार में बुजुर्ग दंपती और उनकी नर्स की गला रेतकर हत्या की खबर से सनसनी फैल गई। शुरुआती जांच के बाद पुलिस ने लूटपाट से इंकार किया है। पुलिस को आशंका है कि वारदात को किसी करीबी ने अंजाम दिया है। रविवार देर शाम तक हत्या की वजह का पता नहीं चल पाया था।
दक्षिण-पश्चिमी जिला डीसीपी देवेन्द्र आर्या ने बताया कि विष्णु स्वरूप माथुर (79) पत्नी शशि माथुर (75) के साथ 234, पहली मंजिल वसंत एंक्लेव, वसंत विहार में रहते थे। विष्णु स्वरूप सीजीएचएस से फार्मासिस्ट के पद से रिटायर हुए थे, जबकि उनकी पत्नी एनडीएमसी से रिटायर हुई थीं।
चलने-फिरने में असमर्थ होने के कारण शशि ने देखभाल के लिए करीब छह माह पहले नर्सिंग असिस्टेंट पौड़ी गढ़वाल (उत्तराखंड) निवासी खुशबू नौटियाल (23) को रखा था। रविवार सुबह जब नौकरानी बबली काम पर आई थी तो घर के दरवाजे पर बाहर से कुंडी लगी थी।
उसने गेट को धक्का देकर अंदर प्रवेश किया तो देखा कि विष्णु माथुर व शशि के शव पलंग पर पड़े थे, जबकि नर्स का शव ड्राइंग रूम में पड़ा था। तीनों की गला रेतकर हत्या की गई थी। उसने शोर मचाकर पड़ोसियों को बुलाया। इसके बाद करीब नौ बजे पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने दंपती की बेटी अनिता (50) की रिपोर्ट पर अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया है।