सोमवार को एसटीएफ डीआईजी सतीश बालन ने सुशांत लोक कार्यालय में पत्रकारवार्ता कर बताया कि रविवार को एसटीएफ टीम के निरीक्षक सोनू मलिक को सूचना मिली कि सिकंदरपुर मेट्रो स्टेशन के पास स्कूटी सवार नाइजीरियन युवक हेरोइन सप्लाई के लिए आएगा। टीम गठित की गई और तीन किलो 200 ग्राम हेरोइन के साथ उसे धर दबोचा। आरोपी से एक मोबाइल भी मिला है। इससे एसटीएफ नेटवर्क खंगालने में जुटी है। पूछताछ में पता चला कि आरोपी जूते व कपड़े के व्यापार के लिए मई 2017 में बिजनेस वीजा पर भारत आया था।
वीजा अवधि यहां आने के तीन महीने बाद ही खत्म हो गई थी। करीब एक वर्ष तक अवैध रूप से भारत में रहने के बाद उसके वीजा की अवधि को अक्तूबर 2018 में बढ़ाया गया। ऐसे में यह भी जांच का विषय बना हुआ है। वह दिल्ली के नवादा के मोहन गार्डन क्षेत्र में किराए पर रहता था। बकौल डीआईजी, आरोपी का साथी माइकल तंजानिया से हेरोइन लेकर आया था जिसने दिल्ली एयरपोर्ट पर उसे हेरोइन सप्लाई के लिए दे दी। दिल्ली व गुरुग्राम में हेरोइन सप्लाई करने के बाद आरोपी को चेन्नई पहुंचना था।