बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने वाली युवती ने अपने ही रिश्तेदार के घर फर्जी सीबीआई अधिकारी बनकर रेड डाली। अपने दोस्तों के साथ मिलकर युवती तीन लाख कैश और लाखों के जेवरात कारोबारी के घर से लूट लिए। बाद में वह धमकी देकर मौके से भाग गए। वजीराबाद पुलिस ने इस फर्जी छापेमारी की गुत्थी को सुलझाते हुए युवती समेत तीन आरोपियों को दबोचा है।
आरोपियों की पहचान शाइना उर्फ तन्नू, केशव प्रसाद और विवेक सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से लूटे गए 1.75 लाख रुपये और लाखों रुपये के जेवरात व अन्य सामान बरामद किए हैं। वारदात के बाद आरोपी मौज मस्ती करने के लिए पहाड़ों पर निकल गए थे। पुलिस ने टेक्निकल सर्विलांस की मदद से इनकी लोकेशन का पता किया।
उत्तरी जिला के पुलिस उपायुक्त राजा बांठिया ने बताया, पीड़ित के मुताबिक वह अपने घर पर मौजूद थे। इस बीच मास्क लगाए तीन लोग घर में जबरन दाखिल हो गए। उनमें एक युवती भी थी। तीनों ने सफेद रंग की शर्ट और काले रंग की पेंट पहनी थी। तीनों ने आते ही एफआईआर दर्ज होने और घर की तलाशी लेने की बात की। इशरत ने इसका वारंट मांगा तो वह उसके साथ गाली-गलौज करने लगे।
पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की। करीब 200 सीसीटीवी कैमरों की पड़तल की गई। दो आरोपी एक बाइक पर जाते हुए दिखे। पुलिस ने बाइक के नंबर के आधार पर जांच की तो वह करावल नगर, आंबेडकर नगर निवासी शाइना उर्फ तन्नू के नाम पर है। बाइक उस दिन केशव प्रसाद चला रहा था। पुलिस आरोपियों के घर पहुंची वह गायब मिले।
टेक्निकल सर्विलांस की मदद से उनकी लोकेशन हरिद्वार की मिली। पुलिस वहां पहुंची तो आरोपियों ने अपनी लोकेशन बदल ली। 18 जुलाई को आखिर पुलिस ने शाइना और केशव को मसूरी से गिरफ्तार कर लिया। बाद में विवेक को हरिद्वार से दबोच लिया गया।
शाइना ग्रेजुएट है और करावल नगर में रहती है। उसे पशुओं का शौक है और वह ट्यूशन भी पढ़ाती है। केशव हेल्थ सप्लीमेंट की हरिद्वार में दुकान चलाता है और शाइना का दोस्त है। शाइना को पता थाा कि इशरत के यहां मोटा माल है। उसने केशव के साथ मिलकर सारी साजिश रची।