भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुक्रवार को तुर्कमान गेट स्थित दरगाह फैज-ए-इलाही में नमाज अदा की गई। मस्जिद के लोगों के साथ आस-पड़ोस के करीब 30 से 35 लोगों ने नमाज अदा की। अतिक्रमण हटाए जाने के चलते मस्जिद की बिजली कटी हुई है, जिसकी वजह से लाउडस्पीकर पर नमाज से पहले दी जाने वाली अजान नहीं हो सकी।
जिले के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त निधिन वाल्सन खुद सुरक्षा का जायजा लेने के लिए मौके पर मौजूद रहे। हालांकि उन्होंने पहले ही लोगों से बातचीत करते हुए साफ कर दिया था कि मस्जिद में नमाज पढ़ने के लिए आने वाले लोगों पर पुलिस की ओर से रोक नहीं है। शुक्रवार को जुमे की नमाज के लिए दरगाह फैज-ए-इलाही मस्जिद को आम लोगों के लिए कुछ देर के लिए खोला गया। भारी पुलिस बंदोबस्त के बीच करीब 30 से 35 लोग ही नमाज अदा करने पहुंचे। कुछ लोगों ने बड़ी मस्जिद में नमाज अदा की। दिल्ली पुलिस की गुजारिश के बाद मस्जिद कमेटी के सदस्यों ने लोगों से नमाज अदा कर सीधे अपने-अपने घर लौटने की अपील की थी, जिसका असर भी दिखा।
शुक्रवार को भी तुर्कमान गेट के आसपास की सड़कें और दुकानें बंद रहीं। पुलिस ने अर्द्धसैनिक बलों के साथ मिलकर पूरे इलाके की बैरिकेडिंग की थी। इसके चलते किसी भी गली से कोई भी मुख्य सड़क पर नहीं आ रहा था। बृहस्पतिवार को ही पुलिस अधिकारियों ने साफ कर दिया था कि अतिक्रमण को पूरी तरह साफ करने के बाद ही इलाके में वाहनों की आवाजाही शुरू की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था देखते हुए पूछताछ के बाद ही लोगों वहां जाने की अनुमति दी जा रही थी।
यह था पूरा मामला...
मध्य दिल्ली के तुर्कमान गेट स्थित दरगाह फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास मंगलवार को अवैध अतिक्रमण हटाने के दौरान शरारती तत्वों ने हिंसा कर दी थी। करीब 150 से 200 उपद्रवियों ने देर रात पुलिस पर पथराव कर दिया। इसमें क्षेत्र के थाना प्रभारी सहित पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। काफी देर चले बवाल को पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर शांत कराया। इस दौरान लाठी चार्ज करने के अलावा आंसू गैस के गोले भी छोड़ने पड़े। दरअसल कुछ शरारती लोगों ने अवैध अतिक्रमण की जगह मस्जिद तोड़ने की अफवाह फैला दी थी। इसकी वजह से बवाल हुआ।