पाकिस्तान में पनप रहे आतंकवाद के खिलाफ भारत की ओर से की गई हालिया कार्रवाई के दौरान तुर्किये के रुख को लेकर दिल्ली के सेब व्यापारियों में गहरा रोष है। उन्हें तुर्किये की ओर से पाकिस्तान का समर्थन करना नागवार गुजरा है।
इसी तरह व्यापारी मनोज बंसल का कहना है कि तुर्किये जैसे देशों को तभी सबक मिलेगा जब भारत के व्यापारी एकजुट होकर आर्थिक स्तर पर जवाब देंगे। उन्होंने कहा कि मंडी में अब ऐसी मुहिम शुरू हो गई है कि जो व्यापारी तुर्किये से माल लाता है, उससे भी सवाल पूछे जाएंगे।
तुर्किये और अजरबैजान न जाने की अपील
देश भर के व्यापारियों के शीर्ष संगठन कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने व्यापारियों व लागों से तुर्किये व अजरबैजान की यात्राओं का पूर्ण बहिष्कार करने की अपील की है। कैट के राष्ट्रीय महामंत्री व चांदनी चौक से सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि यदि भारतीय नागरिक तुर्किये और अजरबैजान की पाकिस्तान के प्रति समर्थन के विरोध में उनकी यात्रा का बहिष्कार करते हैं, तो इसका इन देशों की अर्थव्यवस्था, विशेषकर पर्यटन क्षेत्र पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है।
खंडेलवाल ने कहा की यदि भारतीय पर्यटक तुर्किये की यात्रा का बहिष्कार करते हैं, तो उसको लगभग 291.6 मिलियन डॉलर का प्रत्यक्ष नुकसान होगा। इसके अतिरिक्त, भारतीय पर्यटकों की ओर से आयोजित विवाह, कॉर्पोरेट कार्यक्रम और अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों के रद्द होने से अप्रत्यक्ष रूप से और भी आर्थिक नुकसान हो सकता है।
वहीं, भारतीय पर्यटकों के बहिष्कार से अजरबैजान को लगभग 308.6 मिलियन डॉलर का प्रत्यक्ष नुकसान होगा। चूंकि भारतीय पर्यटक मुख्यत अवकाश, मनोरंजन, विवाह और साहसिक गतिविधियों के लिए अजरबैजान जाते हैं, इन क्षेत्रों में भी आर्थिक मंदी बड़े पैमाने पर हो सकती है।