ग्रेटर नोएडा के यमुना प्राधिकरण के दो सेक्टरों के विकास के लिए अधिग्रहीत की गई जमीन के एवज में किसानों को 64.7 प्रतिशत मुआवजे का वितरण सात नवंबर से शुरू होगा। इसके लिए एक गांव को चिह्नित कर लिया गया है, जहां करीब 30 करोड़ रुपये बतौर मुआवजा वितरित किया जाएगा। यह जानकारी अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी सतीश कुमार गुप्ता ने दी।
उन्होंने बताया कि प्राधिकरण ने सेक्टर-18 और सेक्टर-20 के विकास के लिए 15 गांवों की जमीन का अधिग्रहण किया था। इसके बाद से ही अधिग्रहण से प्रभावित किसान 64.7 प्रतिशत मुआवजे का भुगतान करने की मांग कर रहे हैं। किसानों की मांग पर शासन ने यमुना प्राधिकरण के किसानों को मुआवजा देने का आदेश दिया है।
बोर्ड बैठक में भी इसकी अनुमति मिल चुकी है। बैठक में निर्णय लिया गया कि जिन गांवों के सभी किसान कोर्ट से अपनी रिट वापस ले लेंगे। ऐसे गांवों को मुआवजे का भुगतान कर दिया जाएगा। सतीश कुमार गुप्ता ने बताया कि मुआवजा लेने की शर्तों में यह भी शामिल है कि जिन गांवों के किसानों की जमीन पर प्राधिकरण का शत प्रतिशत कब्जा हो जाएगा।
जहां किसी भी तरह के विवाद या अवरोध नहीं करने के लिए किसान तैयार हैं, उन्हें मुआवजे का वितरण किया जाएगा। एक गांव के किसानों ने इन शर्तों को पूरा कर लिया है, उन्हें सात नवंबर से मुआवजा दिया जाएगा। अन्य गांवों में भी किसान रिट वापस ले रहे हैं। यह प्रक्रिया पूरी होने पर वहां भी मुआवजे का वितरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन-जिन गांवों के किसान रिट वापस लेते जाएंगे, वहां मुआवजा वितरण की प्रक्रिया शुरू होती जाएगी।