साइबरसिटी में अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के बावजूद शहर सुरक्षा के मद्देनजर सुरक्षित नहीं है। पुलिस की तरफ से जारी हुए आंकड़ों में यह बात सामने आई है जिसमें दिल्ली-एनसीआर के मुकाबले गुड़गांव पुलिस सबसे कमजोर आंकी गई है। सुविधाओं और पुलिसकर्मियों की कमी का हवाला देते हुए चिंता का कारण बताया गया है।
हाल ही में पुलिस की तरफ से जारी किए गए आंकड़ों के सामने आया कि प्रदेश की आर्थिक राजधानी में पुलिस की कमी के चलते क्राइम का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजनों समेत अन्य कार्यक्रमों के चलते सुरक्षा के इंतजामों को लेकर पुलिस के स्टाफ की कमी चुनौती बनी हुई है।
आंकड़ों में राजधानी दिल्ली के अलावा एनसीआर के अन्य शहरों से तुलना की गई जिसमें गुड़गांव को असुरक्षित माना गया। पुलिस के आला अधिकारी भी इस बात को मान रहे है। ऐसे में प्रदेश की आर्थिक राजधानी में सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजामों को लेकर सरकार के लिए बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
इसलिए ली जा रही लोगों की मदद
पुलिस को मदद देने के लिए गुड़गांव पुलिस और कॉरपोरेट्स के संयुक्त प्रयास से कम्यूनिटी पुलिसिंग 2.0 कार्यक्रम की शुरूआत की गई है। जिसके आधार पर शहर की सुरक्षा के लिए कॉरपोरेट्स सेक्टर आगे आएंगे। इसमें कॉरपोरेट कंपनियों से आर्थिक और अन्य तरीके का भी सहयोग लिया जा रहा है।