त्रिलोकपुरी की 35 ब्लॉक में रहने वाली किन्नर लैला शाह (35) के जज्बे को मंगलवार सुबह दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने सलाम किया। लैला शाह ने बताया कि मंगलवार सुबह दस बजे उसके घर पर पुलिस पहुंची। पुलिस को देखकर वह सकपका गई, जब पुलिसकर्मियों ने बताया कि उसे मयूर विहार थाने में पुलिस अधिकारियों ने बुलाया है। लैला पुलिसकर्मियों के साथ वहां पहुंची।
पुलिस अधिकारियों ने उसे बिठाया और बलवा के दौरान किए गए उसके सराहनीय कार्य को सराहा। पुलिस अधिकारियों ने लैला को सम्मानित करने की बात कही। लैला ने बताया कि बलवे के दौरान उपद्रवी उनके ब्लॉक में पथराव कर रहे थे, उसने अपने जान की परवाह किए बगैर उनसे भिड़ गई और उन्हें भागने पर मजबूर कर दिया। इतना ही नहीं उसने उन लोगों को समझाने की कोशिश की कि इस बलवे से कुछ हासिल नहीं होगा।
लैला ने बताया कि उनकी कोई कौम नहीं है, वह हर कौम से ताल्लुक रखती हैं। 20 साल से त्रिलोकपुरी में रहने वाली लैला ने बताया कि वह चार चेलों के साथ यहां रहती है। अन्य ब्लॉक में उनके गुरु भी रहते हैं।
बलवा के दौरान उनके गुरुओं ने फोन कर बताया कि वह घर में ही रहें और बाहर जाने की कोशिश मत करें। बावजूद इसके वह बाहर निकली और दंगाइयों से लोहा लिया। इस दौरान उपद्रव करने वालों ने उन पर तेजाब फेंकने की भी धमकी दी।
इतना ही नहीं सोमवार को लैला ने अपने चेलों के साथ मिलकर इलाके में फैले दंगे के दाग को धोने की कोशिश की। उन्होंने रविवार को ही सड़क पर बिखरे ईंट-पत्थर हटाए और सड़कों पर झाड़ू लगाई। लैला के इस काम को देखकर अन्य ब्लॉक में रहने वाले दोनों समुदाय के लोग बाहर निकले और रास्तों को साफ किया।