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मोहर्रम के बाद हटेगा त्रिलोकपुरी में कर्फ्यू

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त्रिलोकपुरी में शांति रही तो मोहर्रम के बाद कर्फ्यू हटा लिया जाएगा। शनिवार को कर्फ्यू में 14 घंटे की ढील दी गई। इस दौरान कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की जानकारी नहीं मिली।
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सुरक्षा बलों की मौजूदगी में लोग घरों से बाहर निकले और जरूरत का सामान खरीदा। हालांकि, डीटीसी बसें अंदर नहीं आईं। वहीं, स्कूल तो खुले, लेकिन अभिभावकों ने बच्चों को नहीं भेजा। पुलिस ने इलाके के लोगों के साथ बैठक भी की।

एक डीटीसी चालक ने बताया कि उन्हें अपनी जिम्मेदारी पर त्रिलोकपुरी में बस ले जाने के लिए कहा गया था। इससे वे बसों को अंदर नहीं ले गए। बसों को 13 ब्लॉक से यू-टर्न लिया गया। बसें न चलने से लोगों को दूसरे वाहनों का सहारा लेना पड़ा।
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उधर, पुलिस ने बताया कि शुक्रवार देर रात को 20 ब्लॉक स्थित माता की चौकी का सफल आयोजन किया गया। इसमें इलाके के मुस्लिमों ने भी हिस्सा लिया। इलाके में पूरी तरह शांति है। एहतियात के तौर पर कर्फ्यू लगाया गया है। मोहर्रम पर इसी तरह शांति रही तो कर्फ्यू को हटा लिया जाएगा।
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धारदार हथियारों संग मातम नहीं

इलाके में मोहर्रम के दौरान धारदार हथियारों के साथ मातम बनाने की अनुमति नहीं होगी। मुस्लिम समुदाय के साथ बैठक में पुलिस ने यह फैसला किया है।

पूर्वी जिले के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि त्रिलोकपुरी में अन्य सालों के मुकाबले इस साल ताजिये के रूट को छोटा किया गया है। पुलिस की मौजूदगी में मुख्य सड़कों पर ही ताजिये निकालने की अनुमति होगी।

JNU छात्रों ने पुलिस मुख्यालय पर किया प्रदर्शन
जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्रों ने शनिवार को त्रिलोकपुरी दंगों के दौरान शांति बहाली में नाकाम होने वाले पुलिस अधिकारियों पर उचित कार्रवाई करने और दंगे के दोषियों के गिरफ्तारी की मांग की हैं। इस संबंध में छात्रों के सिटीजन फोरम ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर बीएस बस्सी को मांग पत्र भी सौंपा है।

जेएनयू छात्रा व आइसा पदाधिकारी सुचेता के मुताबिक, त्रिलोकपुरी दंगे हुए नहीं, बल्कि कराए गए हैं। वहीं, दूसरा प्रमुख कारण उक्त इलाके के पुलिस अधिकारी हैं, जिन्होंने जानकारी होने के बाद भी शांति बहाली में कोई कदम नहीं उठाया। सुचेता के मुताबिक, यदि पुलिस अधिकारी समय से सांप्रदायिक हिंसा को भड़कने पर काम करते तो हालात यह नहीं होते।
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