कृषि कानूनों के खिलाफ धरने पर बैठे किसान नेता
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किसान आंदोलन को देश के हर गांव से जोड़ने की रणनीति किसान संगठनों ने तैयार कर ली है। इसके लिए संयुक्त किसान मोर्चा ने अपील की है कि आंदोलन के दौरान जान गवांने वाले किसानों की याद में रविवार को श्रद्धांजलि सभा आयोजित की जाए। देश के हर गांव में आयोजित होने वाली इस सभा का कोई एकीकृत खाका तैयार नहीं किया गया है। गांव के लोग अपने रीति-रिवाजों के हिसाब के आंदोलन में जान देने वाले किसानों को श्रद्धांजलि देंगे।
इससे पहले मंगलवार सुबह पंजाब के किसान संगठनों के बीच बैठक हुई। आपस में आंदोलन की रणनीति पर चर्चा करने के बाद हरियाणा, महाराष्ट्र, यूपी समेत दूसरे राज्यों के किसान प्रतिनिधियो के साथ पंजाब के किसान संगठनों से बैठक की। इसमें फैसला लिया गया कि रविवार को देश के हर गांव में श्रद्धांजलि सभा बुलाई जाए। वहीं, आंदोलन को तेज करने के लिए ज्यादा से ज्यादा किसानों के दिल्ली पहुंचने की अपील की गई। हालांकि, किसान प्रतिनिधियो का कहना था कि यूपी व हरियाणा की तरफ से दिल्ली की तरफ कूच करने वाले किसानों को पुलिस प्रशासन कर रही है।
इसकी जानकादी देते हुए भारतीय किसान युनियन एकता सिद्धपुर के जगजीत सिंह दल्लेवाल ने कहा कि अभी तक अलग-अलग वजहों से 25 से ज्यादा किसान आंदोलन में शहीद हो गए हैं। इनकी याद में रविवार 20 दिसंबर को हर गांव में श्रद्धांजलि सभा बुलाई गई है। 11 बजे से एक बजे के बीच गांव-गांव में सभाएं होगी। लोग अपने हिसाब से शहीद किसानों का उस वक्त याद करेंगे।
सरकार बातचीत से भाग रही है
किसान प्रतिनिधियों ने कहा कि केंद्र सरकार बातचीत से भाग रही है। सिर्फ किसानों से ही नहीं, शीत कालीन सत्र को छोड़ दिया है। लेकिन किसान छह महीने की तैयारी करके दिल्ली पहुंचे हैं। आने वाले चार-पांच दिनों में आंदोलन में बड़ी संख्या में महिलाएं जुड़ेगी। आंदोलन दिनों-दिन मजबूत हो रहा है।