निगम ने करोड़ों रुपये का राजस्व जुटाया
निगम ने ओपन स्पेस और टैरिस रेस्तरां के लिए लाइसेंस जारी कर वित्त वर्ष 2022-23 में 5,99,60,707 रुपये अर्जित किए। वहीं, वित्त वर्ष 2023-24 में 6,92,39,749 रुपये अर्जित किए। दोनों वित्त वर्ष में कुल मिलाकर 12,92,00,456 रुपये का राजस्व एकत्रित हुआ। निगम के अतिरिक्त एमएचओ डॉ. डी सोमशेखर ने बताया कि लाइसेंस नीति ऑनलाइन होने से वित्त वर्ष 2022-23 की अपेक्षा वित्त वर्ष 2023-24 में लाइसेंस और राजस्व दोनों में वृद्धि दर्ज की गई है।
रेस्तरां मालिकों के लिए नियम और शर्तें
एमसीडी ने इस नीति के अंतर्गत रेस्तरां मालिकों के लिए कई नियम और शर्तें तय की हैं। इसमें खुली जगह या टैरिस पर खाना पकाने की अनुमति नहीं है, केवल खाना परोसने की अनुमति है। खाना परोसने की जगह बिल्कुल साफ सुथरी रहनी चाहिए। ऐसे रेस्तरां सिटी सेंटर, डिस्ट्रिक्ट सेंटर, कम्यूनिटी सेंटर, लोकल शॉपिंग कॉम्पलेक्स में ही खोलने की अनुमति है। लाइसेंस के लिए बिल्डिंग मालिक की एनओसी जरूरी है। ओपन स्पेस रेस्तरां का प्रवेश मेन रोड से नहीं हो सकता। इसके आस पास नाला-नाली नहीं होनी चाहिए। ओपन स्पेस रेस्तरां के लिए सालाना 200 रुपया प्रति वर्ग फुट और टैरिस रेस्तरां (चार सितारा या इससे अधिक के होटलों) के लिए 500 रुपया प्रति वर्ग फुट की दर से लाइसेंस फीस तय है। ग्राउंड फ्लोर पर ओपन स्पेस रेस्तरां के लिए फायर एनओसी की जरूरत नहीं है, लेकिन ऊपरी मंजिल पर खुली जगह 90 मीटर वर्ग मीटर से अधिक है तो फायर डिपार्टमेंट की एनओसी जरूरी है। आग से खतरे को ध्यान में रखते हुए टैरिस रेस्तरां की 25 फीसदी जगह खाली होनी चाहिए।