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Delhi: खुले आसमान के नीचे खाने और टैरिस पार्टी करने का बढ़ा चलन, लाइसेंस के लिए बड़ी संख्या में आए आवेदन

Tue, 07 May 2024 07:06 AM IST
विजय पुंडीर आदित्य पाण्डेय, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

एमसीडी ने नई नीति के तहत पिछले दो साल में दिल्ली भर में 276 ओपन स्पेस और 126 टैरिस रेस्तरां को छत पर खाना परोसने के लिए लाइसेंस दिए। इससे दिल्ली में रेस्तरां कारोबार, एमसीडी का राजस्व और रोजगार के अवसर तीनों बढ़े हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : freepik
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विस्तार
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राजधानी में खुले आसमान के नीचे खाने-पीने और टैरिस पार्टी करने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। एमसीडी ने नई नीति के तहत पिछले दो साल में दिल्ली भर में 276 ओपन स्पेस और 126 टैरिस रेस्तरां को छत पर खाना परोसने के लिए लाइसेंस दिए। इससे दिल्ली में रेस्तरां कारोबार, एमसीडी का राजस्व और रोजगार के अवसर तीनों बढ़े हैं। निगम ने पिछले दो वित्त वर्ष में करीब 13 करोड़ रुपये का राजस्व इस बदली लाइसेंस नीति के जरिये अर्जित किया है।

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एमसीडी ने राजस्व बढ़ाने के लिए अपनी लाइसेंस नीति में बदलाव किया है। दिल्ली में जब तीन अलग-अलग निगम थे तब दक्षिणी दिल्ली नगर निगम ने सबसे पहले ओपन स्पेस और टैरिस रेस्तरां के लिए लाइसेंस देने की शुरुआत की थी। करीब दो साल पहले तीन निगमों का एकीकरण होने के बाद एमसीडी ने पूरी दिल्ली में यह नीति लागू करने का निर्णय लिया। नई नीति के तहत रेस्तरां खुले में या फिर टैरिस पर खाना परोस सकते हैं। हालांकि, खुले में खाना बनाने की अनुमति इसमें शामिल नहीं है।

लाइसेंस के लिए बड़ी संख्या में आए आवेदन
निगम की इस नीति को रेस्तरां मालिकों ने हाथों-हाथ लिया और बड़ी संख्या में लाइसेंस के लिए आवेदन किए गए। एमसीडी के जन स्वास्थ्य विभाग ने वित्त वर्ष 2022-23 में ओपन स्पेस रेस्तरां के लिए 135 और टैरिस रेस्तरां के लिए 62 लाइसेंस दिए। इसी तरह वित्त वर्ष 2023-24 में ओपन स्पेस रेस्तरां के लिए 141 और टैरिस रेस्तरां के लिए 64 लाइसेंस दिए गए। एमसीडी के अधिकारियों के मुताबिक लाइसेंस के लिए आए आवेदनों से पता चलता है कि दिल्ली में लोग खुले आसमान के नीचे बैठकर खाना पीना पसंद करते हैं। नियम और शर्तों को पूरा करने वाले रेस्तरां को लाइसेंस दिए जा रहे हैं।

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निगम ने करोड़ों रुपये का राजस्व जुटाया
निगम ने ओपन स्पेस और टैरिस रेस्तरां के लिए लाइसेंस जारी कर वित्त वर्ष 2022-23 में 5,99,60,707 रुपये अर्जित किए। वहीं, वित्त वर्ष 2023-24 में 6,92,39,749 रुपये अर्जित किए। दोनों वित्त वर्ष में कुल मिलाकर 12,92,00,456 रुपये का राजस्व एकत्रित हुआ। निगम के अतिरिक्त एमएचओ डॉ. डी सोमशेखर ने बताया कि लाइसेंस नीति ऑनलाइन होने से वित्त वर्ष 2022-23 की अपेक्षा वित्त वर्ष 2023-24 में लाइसेंस और राजस्व दोनों में वृद्धि दर्ज की गई है।

रेस्तरां मालिकों के लिए नियम और शर्तें
एमसीडी ने इस नीति के अंतर्गत रेस्तरां मालिकों के लिए कई नियम और शर्तें तय की हैं। इसमें खुली जगह या टैरिस पर खाना पकाने की अनुमति नहीं है, केवल खाना परोसने की अनुमति है। खाना परोसने की जगह बिल्कुल साफ सुथरी रहनी चाहिए। ऐसे रेस्तरां सिटी सेंटर, डिस्ट्रिक्ट सेंटर, कम्यूनिटी सेंटर, लोकल शॉपिंग कॉम्पलेक्स में ही खोलने की अनुमति है। लाइसेंस के लिए बिल्डिंग मालिक की एनओसी जरूरी है। ओपन स्पेस रेस्तरां का प्रवेश मेन रोड से नहीं हो सकता। इसके आस पास नाला-नाली नहीं होनी चाहिए। ओपन स्पेस रेस्तरां के लिए सालाना 200 रुपया प्रति वर्ग फुट और टैरिस रेस्तरां (चार सितारा या इससे अधिक के होटलों) के लिए 500 रुपया प्रति वर्ग फुट की दर से लाइसेंस फीस तय है। ग्राउंड फ्लोर पर ओपन स्पेस रेस्तरां के लिए फायर एनओसी की जरूरत नहीं है, लेकिन ऊपरी मंजिल पर खुली जगह 90 मीटर वर्ग मीटर से अधिक है तो फायर डिपार्टमेंट की एनओसी जरूरी है। आग से खतरे को ध्यान में रखते हुए टैरिस रेस्तरां की 25 फीसदी जगह खाली होनी चाहिए।
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