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Delhi NCR News: दिवाली पर घर जाना महंगा, निजी बसों के किराये में कई गुना उछाल

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-ट्रेनों में लंबी वेटिंग का निजी बस ऑपरेटर उठा रहे फायदा, पटना के लिए भी प्रीमियम बसों का किराया 9,999 रुपये तक
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-त्योहार से तीन दिन पहले से बढ़ेगी यात्रियों की मुश्किल, लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी और बिहार जाने वालों की जेब पर पड़ेगा अतिरिक्त बोझ
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दीपावली पर परिवार के साथ घर जाने की तैयारी कर रहे लोगों को इस बार सफर के लिए जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ सकती है। ट्रेनों में कंफर्म टिकट नहीं मिलने के कारण निजी बसों पर निर्भर यात्रियों के सामने महंगे किराये की चुनौती खड़ी हो गई है। दिल्ली से लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, पटना, चंडीगढ़ और भोपाल जाने वाली बसों के किराये में त्योहार से पहले कई गुना तक बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। सामान्य दिनों में कुछ सौ से लेकर एक-दो हजार रुपये तक मिलने वाला टिकट अब हजारों रुपये में बुक हो रहा है। ऑनलाइन बुकिंग प्लेटफॉर्म पर लखनऊ के लिए स्लीपर टिकट 7,999 रुपये और पटना के लिए एसी स्लीपर टिकट 9,999 रुपये तक पहुंच गया है।
ट्रेनों में वेटिंग, बसों में महंगे टिकट
दिल्ली-एनसीआर में उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों के लाखों लोग रोजगार करते हैं। दीपावली पर बड़ी संख्या में लोग परिवार के साथ अपने गृह नगर लौटते हैं। इस बार पांच और छह नवंबर को घर जाने की तैयारी कर रहे यात्रियों के लिए टिकट जुटाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। रेलवे में लंबी वेटिंग के बीच निजी बसें यात्रियों के लिए वैकल्पिक साधन बनी हुई हैं। दिल्ली-एनसीआर से बिहार जाने वाली बसों में सामान्य दिनों में एक सीट का किराया करीब 840 से 1,500 रुपये रहता है, जबकि त्योहार के दौरान यह बढ़कर 2,500 से 4,000 रुपये तक पहुंच गया है। एसी स्लीपर में कुछ टिकटों की कीमत 9,999 रुपये तक दिखाई दे रही है।
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प्रमुख मार्गों पर बसों के किराये
शहर सामान्य दिन (एसी सीट-स्लीपर) 5 और 6 नवंबर (एसी सीट-स्लीपर)
कानपुर 350 रुपये-800 रुपये 3500-5500 रुपये-4500-8699 रुपये
लखनऊ 400 रुपये-1000 रुपये 3000-4956 रुपये-4500-8359 रुपये
वाराणसी 700 रुपये-1200 रुपये 3000-4000 रुपये-4500-8158 रुपये
प्रयागराज 500 रुपये-1000 रुपये 3000-3828 रुपये-7236-8000 रुपये
पटना 1000 रुपये-1500 रुपये 3500-4002 रुपये-6000-8141 रुपये
चंडीगढ़ 400 रुपये-1000 रुपये 1500-2049 रुपये-2500-3033 रुपये
भोपाल 1000 रुपये-2000 रुपये 2000-2500 रुपये-3500-4500 रुपये
नोट: किराये रुपये में हैं। ये उपलब्ध कराई गई जानकारी पर आधारित संकेतात्मक दरें हैं। वास्तविक किराया यात्रा की तारीख, बस ऑपरेटर, सीट की उपलब्धता और बुकिंग प्लेटफॉर्म के अनुसार अलग हो सकता है।
लखनऊ-कानपुर के लिए भी हजारों रुपये किराया
उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों के लिए भी बसों के किराये में बड़ा अंतर सामने आ रहा है। सामान्य दिनों में जिंग बस, गोला बस, शताब्दी ट्रैवेल्स, राज कल्पना, बीआर ट्रैवेल्स, समय शताब्दी और इंटरसिटी स्मार्टबस जैसे ऑपरेटरों की एसी स्लीपर बसों में टिकट सामान्य तौर पर 800 से 1,200 रुपये के बीच मिल जाता है। दीपावली से पहले कुछ बसों में यही किराया बढ़कर 4,000 से 8,000 रुपये तक पहुंच गया है।
परिवारों के बजट पर बढ़ेगा दबाव
त्योहार के समय सबसे ज्यादा परेशानी उन परिवारों को होती है, जिन्हें एक साथ कई टिकट खरीदने पड़ते हैं। चार सदस्यों के परिवार को प्रत्येक टिकट के लिए हजारों रुपये खर्च करने पड़ें तो यात्रा का कुल बजट काफी बढ़ सकता है। ऐसे में यात्रियों को तारीख में बदलाव करने, अलग-अलग बस ऑपरेटरों के किराये की तुलना करने और उपलब्ध सीटों के विकल्प देखने की जरूरत है।
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तेजी से हो रही बुकिंग, बढ़ सकते हैं दाम
दीपावली नजदीक आने के साथ बसों में बुकिंग तेजी से हो रही है। सामान्य सीट, स्लीपर, एसी सीट और एसी स्लीपर श्रेणियों में यात्रियों की मांग बढ़ी है। बुकिंग पोर्टलों पर कुछ बसों में करीब 40 प्रतिशत सीटें आरक्षित होने की जानकारी सामने आ रही है। मांग बढ़ने और सीटें कम होने की स्थिति में कुछ सेवाओं के किराये में आगे भी बढ़ोतरी हो सकती है। उत्तर प्रदेश जाने वाले यात्रियों के लखनऊ और कानपुर प्रमुख गंतव्य हैं, जबकि प्रयागराज और वाराणसी के लिए पूर्वांचल जाने वाले यात्रियों की मांग रहती है। पटना के लिए दीपावली के साथ छठ पर्व के कारण भी यात्रा का दबाव बढ़ता है। वहीं, भोपाल और रीवा जाने वाले यात्रियों के लिए निजी बसें एक अन्य विकल्प हैं।
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