ड्राइविंग लाइसेंस आवेदकों को अब लंबे समय तक इंतजार नहीं करना होगा। इसके लिए परिवहन विभाग के सभी मोटर लाइसेंसिंग ऑफिस (एमएलओ) दफ्तरों में विशेष स्लॉट में अधिक से अधिक लोगों को मौका दिया जा रहा है। अब तक आवेदकों को स्थायी लाइसेंस के लिए डेढ़-दो महीने से भी अधिक इंतजार करना पड़ रहा था।
परिवहन विभाग की इस संबंध में हुई बैठक के बाद आवेदकों को एक से दो हफ्ते के बीच का वक्त दिया जा रहा है। जिन आवेदकों को 30 सितंबर तक का वक्त दिया गया है, उन्हें पहले मौका दिया जाएगा। अनलॉक-वन में मिली रियायत के बाद दफ्तरों में कामकाम शुरू होने पर लाइसेंस के लिए एक से दो महीने का इंतजार करना पड़ रहा था। सरकार की ओर से 30 सितंबर तक बगैर जुर्माना वाहनों के पुराने दस्तावेज बनवाने का मौका दिया गया, ताकि इंतजार कम करना पड़े।
सराय काले खां, द्वारका और वजीरपुर सहित तमाम एमएलओ दफ्तरों में स्पेशल स्लॉट में अधिक आवेदकों के लाइसेंस बनाए जा रहे हैं। औसतन, रोजाना 100 से अधिक स्थायी जबकि रोजाना करीब इतनी ही संख्या में लाइसेंस रिन्यू किए जा रहे हैं। हालांकि इस दौरान लर्निंग लाइसेंस की संख्या थोड़ी कम है।
रोजाना बनाए जा रहे हैं 125 लाइसेंस
लॉकडाउन से पहले एक एमएलओ दफ्तर में रोजाना 90 आवेदकों के स्थायी लाइसेंस बनाए जा रहे थे। लेकिन अब स्पेशल स्लॉट में संख्या बढ़ाकर 125 कर दी गई है। इससे लंबित मामले कम हुए हैं और इंतजार भी कम होगा।