नई दिल्ली।
दिल्ली सरकार के सहकारिता मंत्री रविन्द्र इन्द्राज सिंह की अध्यक्षता में क्रेडिट एवं थ्रिफ्ट सहकारी संस्थाओं की बैठक सचिवालय में हुई। इसमें सहकारी संस्थाओं की वर्तमान चुनौतियों, ऋण वसूली, डिफाल्टर प्रबंधन, दोहरी सदस्यता, प्रशासनिक सुधार और सहकारिता को प्रभावी रूप से आमजन तक पहुंचाने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में मंत्री रविन्द्र इन्द्राज सिंह ने कहा कि पारदर्शिता और सक्रिय भागीदारी से सहकारी संस्थाओं को नई दिशा मिलेगी। सहकारिता केवल आर्थिक गतिविधि नहीं, बल्कि सामाजिक विश्वास और सामूहिक सहभागिता का मजबूत माध्यम है। उन्होंने कहा कि सहकारिता का मूल भाव मैं नहीं बल्कि हम होना चाहिए। मंत्री ने डिफाल्टर मामलों, अनियमित ब्याज दरों और दोहरी सदस्यता पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सहकारिता अधिनियम के तहत सभी नियमों का सख्ती से पालन किया जाएगा और इनका उल्लंघन करने वाली संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई होगी। लंबित ऋण वसूली मामलों में प्रक्रिया को तेज किया जाएगा। साथ ही पात्र संस्थाओं को समयबद्ध तरीके से दिल्ली राज्य सहकारी बैंक की सदस्यता प्रदान की जाएगी। मंत्री ने कहा कि दिल्ली में नई सहकारी पहलें, स्टोर और रोजगार आधारित मॉडल विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें सहकारी संस्थाओं की अहम भूमिका होगी।