समाचार पोर्टल न्यूजक्लिक मामले में नया खुलासा हुआ है। जांच के बाद दिल्ली पुलिस ने दावा किया कि न्यूज क्ल्कि के बैंक खातों में चीन से 60 करोड़ से ज्यादा रुपये का अवैध लेनदेन हुआ है। पुलिस ने 480 डिवाइस फोरेंसिक जांच के लिए भेजी हैं। स्पेशल सेल के अधिकारी ने बताया कि न्यूजक्लिक मामले की चार्जशीट तैयार करनी शुरू कर दी गई है।
440 फोन की होगी जांच
स्पेशल सेल का कहना है कि उपकरणों से डंप और हटाए गए डाटा को फिर से हासिल करना जरूरी है। इसके लिए सभी फोन को खासतौर पर नेशनल साइबर फॉरेंसिक लैब (एनसीएफएल) में जांच के लिए भेजा। 440 से अधिक फोन और 40-50 हार्ड डिस्क, डिस्क और ड्राइव जब्त किए गए। हमें चैट, बैंक लेनदेन, बयान निकालने और फाइलों और मीडिया जैसे अन्य आपत्तिजनक सबूतों की तलाश करने के लिए कहा गया था। इस साजिश में कौन-कौन शामिल था इसका पता लगाया जा रहा है।
चैट छिपाने का आरोप
स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 4-6 महीने के बाद डिलीट हुई चैट और मीडिया फाइल्स को रिकवर करना मुश्किल होता है। पुलिस का कहना है कि है कि आरोपी कई चैट छिपा रहे हैं जो जांच के लिए महत्वपूर्ण हैं। यह साबित करने के लिए ईमेल और लेनदेन मिले हैं कि उन्हें मुखौटा कंपनियों से अवैध धन प्राप्त हुआ है। हालाँकि, बहुत सारी चैट और फ़ाइलें गायब मिली हैं।
चक्रवर्ती की याचिका पर हाईकोर्ट का आदेश सुरक्षित
हाईकोर्ट ने बुधवार को न्यूजक्लिक के मानव संसाधन प्रमुख अमित चक्रवर्ती की याचिका पर आदेश सुरक्षित रख लिया, जिसमें पोर्टल पर चीन समर्थक प्रचार के लिए धन प्राप्त करने के आरोपों के बाद दर्ज यूएपीए मामले में सरकारी गवाह बनने के बाद जमानत की मांग की गई थी। न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा के समक्ष सरकारी पक्ष ने कहा कि अगर चक्रवर्ती को जमानत दी जाती है तो उसे कोई आपत्ति नहीं है। चक्रवर्ती के पेश वकील ने कहा कि निचली अदालत पहले ही मामले में उन्हें माफी दे चुकी है और वह अक्टूबर से हिरासत में हैं।