निजामुद्दीन स्थित तब्लीगी मरकज से जुड़े लोगों के बैंक खातों में खाड़ी देशों से पैसे का लेन-देन होता था। इनके बैंक खातों में खाड़ी देशों से करोड़ों रुपये आए भी हैं तो काफी पैसे यहां से खाड़ी देशों में भेजे भी गए हैं।
इस मामले की जांच कर रही दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ये जानकारियां प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को दी हैं। दूसरी तरफ मरकज का मौलाना मोहम्मद साद अभी भी जामिया नगर के जाकिर नगर में पुलिस की निगरानी में है।
अपराध शाखा के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, जिन लोगों के खातों में पैसा आता था, वह मरकज से जुड़े हैं और मौलाना साद के खास हैं। हालांकि इनमें मौलाना साद का बेटा और भतीजा नहीं है। इनके खातों से पैसे के मोटे लेन-देन को देखते हुए हवाला कनेक्शन की भी जांच शुरू की गई है। मरकज का पुरानी दिल्ली में स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा में मुख्य खाता है। इससे आए दिन लेन-देन होता था। इस खाते में नौ लाख रुपये से ज्यादा जमा हैं।
पुलिस को नहीं मिली कोरोना जांच रिपोर्ट
मरकज मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मौलाना साद की कोरोना जांच रिपोर्ट अभी तक उन्हें नहीं मिली है। पुलिस रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। अपराध शाखा ने मौलाना साद को एम्स से कोरोना टेस्ट कराकर जल्द रिपोर्ट देने को कहा है। वहीं, साद ने निजी लैब से जांच कराई है, जिसमें उनकी रिपोर्ट नेगेटिव है।