नई दिल्ली से लुधियाना का सफर अब चार घंटे के बजाय ढाई से तीन घंटे का होने वाला है। रेलवे इस ट्रैक को 130 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चलने योग्य बना रहा है।
संभव है कि कोरोना के बाद ट्रेन चलने के साथ ही इस रूट पर गतिमान ट्रेनों को हरी झंडी दी जा सकती है। इतनी स्पीड से ट्रेन चलाने के लिए मुख्य संरक्षा आयुक्त ने भी स्वीकृति दे दी है। नई समय सारणी में इस रूट पर तेज गति से चलने वाली ट्रेनें मिल सकेंगी।
दिल्ली से लुधियाना के बीच अब 130 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से इस रूट पर चलने वाली ट्रेन चलेंगी। रेलवे ट्रैक, बिजली की ओवरहेड तार, सिग्नलिंग सिस्टम समेत सभी तकनीक में सुधार किया जा रहा है। तीव्र गति से ट्रेन चलाने के लिए ट्रैक के उच्चीकरण का कार्य अंतिम चरण में है।
साहनेवाल व डंडारीकलां रेलवे स्टेशनों पर ट्रैक के 10 लेआउट को टी-28 मशीन से ट्रैक की पंक्ति को सीधा कर दिया गया है। यहां भी ट्रेनों की रफ्तार धीमी नहीं होगी। बिजली की ओवरहेड तारों को भी ठीक कर लिया गया है। यानी, इलेक्ट्रिक इंजन इस ओवरहेड वायर की वजह से स्पीड कम नहीं होगी।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, पिछले दिनों मुख्य संरक्षा आयुक्त ने जो भी कमी बताई थी उन्हें दुरुस्त किया जा रहा है। बेहतर सिग्नलिंग सिस्टम से पूरे रूट को लैस कर दिया गया है। फाइनल ट्रायल के बाद करीब 312 किलोमीटर की दूरी कम समय में पूरी की जा सकेगी। वर्तमान में नई दिल्ली से लुधियाना तक यात्रा अवधि 3 घंटे 56 मिनट के करीब है।