हालात यह हैं कि एसी फर्स्ट में भी वेटिंग टिकट मिल रहा है। राजेंद्र नगर राजधानी की बात करें तो 27 वेटिंग हैं। हावड़ा दुरंतो में 4 वेटिंग टिकट मिल रहा था। जयनगर गरीब रथ में तो 842 वेटिंग टिकट के बाद नो रूम हो गया। संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस में 24 वेटिंग टिकट मिल मिल रहा था। स्लीपर कोच का तो और भी बुरा हाल है।
संपूर्ण क्रांति में 305 वेटिंग टिकट था तो श्रमजीवी में 145। इसी तरह गोरखपुर जाने वाली बिहार संपर्क क्रांति में 466 वेटिंग थी। वैशाली एक्सप्रेस में 293, गोरखधाम एक्सप्रेस ट्रेन में 64 वेटिंग टिकट मिल रहा था। लखनऊ जाने वाली वैशाली ट्रेन में 293 वेटिंग टिकट था।यही हाल लखनऊ, मुजफ्फरपुर, बेतिया समेत अन्य जगहों की ट्रेनों का था। दुर्गापूजा के दौरान पश्चिम बंगाल जाने वाली ट्रेनों में भी आरक्षित बर्थ नहीं मिल रही है।