31 दिसंबर को समाप्त होगा
राजधानी में फैली करीब 100 ऐतिहासिक धरोहरों की सैर करवाने के साथ यह महोत्सव 31 दिसंबर को पूरा हो जाएगा। तब तक इसमें 100 हेरिटेज वॉक कराई जाएंगी, जो लोगों को शहर के ऐतिहासिक परिदृश्य से रूबरू करवाएंगी। विभिन्न थीम पर आधारित पैदल यात्राएं शहर के हिडेन जेम का दौरा करेंगी।
25 लोगों का बनता है समूह
हेरिटेज वॉक फेस्टिवल के लिए 25 लोगों का समूह बनाया जाता है। धीरे-धीरे वॉक दिलचस्प होती जाती है, क्योंकि टूर गाइड उन्हें ऐतिहासिक जगहों के बारे में तो बताता है। साथ ही वॉक को मजेदार बनाने के लिए उनसे जुड़ी कहानियां भी सुनाता है। इनमें अमूमन मल्चा महल, दिल्ली हाट, हौज खास गांव, शाहजहानाबाद जैसी जगहें शामिल होती हैं।
वीकेंड पर होती है वॉक
दिल्ली सरकार के पर्यटन विभाग की वेबसाइट से हेरिटेज वॉक फेस्टिवल की जानकारी ली जा सकती है। ये वॉक ज्यादातर वीकेंड्स को होती है, जिससे ज्यादा लोग आराम से इसमें हिस्सा ले पाते हैं। हर वॉक के लिए प्रत्येक व्यक्ति को नियत शुल्क देना होता है। इसमें टूर गाइट और साथ मिलने वाली किट का शुल्क भी शामिल है। किट में टॉर्च, जूट बैग, रस्सी, टोपी, बैच, बैंड, वॉटर बोतल, छड़ी, फल, जूस और मफिन होती है।