दनकौर क्षेत्र के औरंगपुर गांव का एक वाल्मीकि परिवार चार साल से अपने घर में शौचालय बनवाने के लिए शासन और प्रशासन के कार्यालयों में भटक रहा है। परिवार का आरोप है कि गांव के ही कुछ दबंग लोग इस शौचालय का निर्माण नहीं करने दे रहे।
पीड़ित मुकेश ने मंगलवार को तहसील दिवस में शिकायत देकर शौचालय बनवाने की गुहार लगाई है। उधर, पुलिस ने मामला राजस्व विभाग का बताकर मुकेश को कोतवाली से टरका दिया।
मुकेश ने बताया कि कई साल पहले गांव के प्रधान ने उसके परिवार को रहने के लिए पट्टे का एक प्लॉट दिया था। उसने प्रधान पर इसके एवज में करीब डेढ़ लाख रुपये लेने का भी आरोप लगाया।
मुकेश के मुताबिक, उसने प्लॉट की चारदीवारी कर मकान का निर्माण कर लिया। वह अपने मकान की ही चारदीवारी में शौचालय का निर्माण कराने लगा तो गांव की कुछ दबंग व्यक्तियों ने उसे जबरन रोक दिया। मुकेश के मुताबिक, वे लोग शौचालय बनाने पर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।
शौचालय नहीं होने के कारण परिवार के कुछ लोग दिल्ली जाकर किराये के मकान में रहने लगे हैं। अब मुकेश चार साल से मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन से शौचालय का निर्माण कराने की गुहार लगा रहा है। मुकेश ने बताया कि मंगलवार को तहसील दिवस में उसने शिकायत दी तो उपजिलाधिकारी ने दनकौर कोतवाली प्रभारी को संज्ञान लेने के निर्देश दिए।
इसके बाद भी किसी अधिकारी ने शिकायत पर कार्रवाई नहीं की है। कोतवाली प्रभारी शमसेर सिंह का कहना है कि मामला राजस्व विभाग का है। पुलिस पहले भी राजस्व विभाग का हवाला देकर रिपोर्ट लगा चुकी है।