राजधानी में बुधवार को हवा की रफ्तार बढ़ने से प्रदूषण स्तर में थोड़ा सुधार आया, लेकिन बृहस्पतिवार से प्रदूषण का स्तर फिर बढ़ सकता है। सुबह 10 बजे तक वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 281 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में रहा। वहीं, शाम छह बजे तक यह 313 पर पहुंच गया।
पिछले 24 घंटे की बात करें तो मंगलवार को एक्यूआई 312 रहा, जबकि सोमवार को 353, रविवार को 349, शनिवार को 345 और शुक्रवार को 366 दर्ज किया गया। मौसम विभाग के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक के अनुसार, मंगलवार शाम मौसम की अनुकूल स्थितियों के कारण बुधवार सुबह प्रदूषण स्तर में कमी आई। हालांकि, एक बार फिर से हवा की रफ्तार में कमी होने की वजह से राजधानी में प्रदूषण का स्तर फिर बढ़ेगा। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि बृहस्पतिवार को प्रदूषण का स्तर बहुत खराब श्रेणी में पहुंच सकता है।
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की वायु मानक संस्था सफर के अनुसार, पराली जलने की वजह से रविवार को इस सीजन में सबसे अधिक पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) 2.5 की 23 फीसदी भागीदारी रही। इससे पहले सोमवार को यह 16 फीसदी, रविवार को 19 और शनिवार को नौ फीसदी दर्ज किया गया था।
सफर के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को इस सीजन में सबसे अधिक 1,943 पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की घटनाएं दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, हवा का रुख उत्तर-पश्चिमी रहा और रफ्तार चार किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। न्यूनतम तापमान भी 13.8 डिग्री सेल्सियस रहा। केंद्रीय एजेंसी के अनुसार, राजधानी में 31 अक्तूबर तक हवा का स्तर बेहद खराब श्रेणी में बने रहने की संभावना बनी हुई है।