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रेप आरोपी की हरकत देख जज भी हैरान

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अदालत ने आरोप तय करने के बाद जब शिव कुमार को आरोपों पर दस्तखत करने के लिए कहा तो उसने इनकार कर दिया। उसने जज से बहस करते हुए कहा कि आरोपों पर उसकी मौजूदगी में बहस नहीं हुई है। उसे समय नहीं दिया गया। वह अपने लिए दूसरा वकील करना चाहता था लेकिन उसे मौका नहीं मिला। इसलिए वह आरोपों पर दस्तखत नहीं करेगा।
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अदालत ने उससे कहा कि वह अगर दस्तखत नहीं करेगा तो वह अपना बयान कागज पर लिखकर दे कि वह दस्तखत नहीं करना चाहता। वकील व पुलिसकर्मियों के समझाने पर वह दस्तखत करने के लिए तैयार हुआ।

कोर्ट ने उससे कागज पर लिखवाया कि वह अपनी मर्जी से आरोपों पर दस्तखत कर रहा है। अदालत ने अगली तारीख पर उसे दूसरा वकील पेश करने का निर्देश दिया है।

कैब चालक पर चलेगा दुष्कर्म व अपहरण का मुकदमा

अदालत ने शिव कुमार के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा (376)(2)(एम) (जान का डर दिखाकर या खतरे में डालकर दुष्कर्म) के तहत आरोप तय किया है। इस धारा के तहत दोषी ठहराए जाने पर उसे आखिरी सांस तक जेल में रहना होगा।

उबर कैब रेप केस मामले में आरोपी कैब चालक के खिलाफ विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट ने मंगलवार को दुष्कर्म, अपहरण, धमकी देने व चोट पहुंचाने संबंधी धाराओं में आरोप तय कर दिए।

कोर्ट ने सबसे पहले पीड़िता का बयान दर्ज कराने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 15 जनवरी को होगी। पेश मामला इंद्रलोक इलाके के 56 बीघा पार्क के नजदीक 5 दिसंबर को कैब में दुष्कर्म से जुड़ा है। आरोपी दुष्कर्म के बाद पीड़िता को उसके घर के नजदीक छोड़कर फरार हो गया था।
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7 दिसंबर को गिरफ्तार किया गया था गिरफ्तार

पुलिस ने उसे मथुरा से 7 दिसंबर को गिरफ्तार किया था। तीस हजारी स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कावेरी बावेजा ने आरोपी कैब चालक शिव कुमार यादव पर दुष्कर्र्म, अपहरण, धमकी देने व चोट पहुंचाने संबंधी धाराओं में आरोप तय कर दिए। विशेष अधिवक्ता अतुल श्रीवास्तव ने इन धाराओं के तहत आरोप तय करने की मांग की थी।

अदालत ने आरोपी के खिलाफ पेश चार्जशीट पर बचाव व अभियोजन पक्ष की दलीलें सुनने के बाद शुक्रवार को फैसला सुरक्षित रख लिया था। अभियोजन पक्ष ने कहा कि फोरेंसिक व मेडिकल साक्ष्य अपराधों की पुष्टि करते हैं। एमएलसी के मुताबिक पीड़िता के गर्दन, छाती व पीठ पर खरोंचों के निशान हैं।

पीड़िता ने अपने बयान में कहा है कि आरोपी ने उसे थप्पड़ मारे और जब चिल्लाई तो उसका गला जोर से दबाया। धमकी देते हुए आरोपी ने पीड़िता को कहा कि सरिया घुसा दूंगा।

विशेष अधिवक्ता ने अपनी दलील में कहा कि दुष्कर्म के आरोपों की पुष्टि डीएनए सैंपल, रक्त के नमूनों व दूसरे साक्ष्यों से होती है। यह जान का डर दिखाकर दुष्कर्म का मामला है।

आरोपी ने पीड़िता का गला जोर से दबाया जिससे उसकी जान जा सकती थी। पेश मामले में सराय रोहिल्ला पुलिस ने 24 दिसंबर 2014 को चार्जशीट पेश कर आरोपी पर दुष्कर्म, अपहरण, मारपीट व धमकी देने की धाराएं लगाई थीं। चार्जशीट में 44 गवाहों की सूची दी है।

इनमें उबर कैब के अधिकारी भी शामिल हैं। चार्जशीट में सैटेलाइट रूट मैप, जीपीएस ट्रैक रिकॉर्ड, पीड़िता के बयान व मेडिकल रिपोट, कैब की फोरेंसिक जांच की रिपोर्ट पेश की है।
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