तीस हजारी कोर्ट बवाल की जांच कर रही दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा की एसआईटी की तफ्तीश काफी तेजी से आगे बढ़ रही है। एसआईटी की जांच में यह बात सामने आई है कि मौके पर भारी संख्या में वकील एकत्रित हो गए थे और जो पुलिसकर्मी व पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच रहे थे वह उन्हें घेरकर पिटाई करते गए।
एसआईटी की जांच में यह बात स्पष्ट रूप से सामने आ चुकी है कि तीस हजारी कोर्ट में यह अफवाह फैल गई थी कि वकील को लॉकअप में बंद करके पीटा गया है। इसी अफवाह ने तीस हजारी कोर्ट बवाल को पैदा किया। हालांकि एसआईटी की जांच में पता लगा कि जिस वकील सागर शर्मा को लॉकअप के अंदर ले जाया गया था उससे लॉकअप में मारपीट नहीं की गई थी।
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उत्तरी जिले के तत्कालीन अतिरिक्त उपायुक्त हरेंद्र कुमार सब्जी मंडी एसीपी राम मेहर के साथ मौके पर पहुंचे तो वकील लॉकअप के संतरी सुबोध व एएसआई कार्तिक को पीट रहे थे। एएसआई कार्तिक को वकीलों ने नीचे गिरा रखा था और उस पर लात व डंडे बरसा रहे थे।
इसी समय मौके पर पहुंचे सब्जी मंडी के एसीपी राम मेहर को वकीलों ने घेर लिया और उनके साथ हाथापाई शुरू कर दी थी। वकीलों ने अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त हरेंद्र कुमार के साथ भी मारपीट की थी।
एसआईटी की जांच में यह सामने आया है कि वकील सागर शर्मा को लॉकअप के अंदर ले जाया गया था और बाद में लॉकअप एसीपी खुद वकील को बाहर तक छोड़ने आए थे। एसआईटी की जांच में यह बात सामने आई है कि वकील सागर शर्मा के साथ लॉकअप में मारपीट नहीं की गई है।
अपराध शाखा के अधिकारियों के अनुसार एसआईटी को तीस हजारी कोर्ट से 41सीसीटीवी फुटेज मिले हैं। इन फुटेज को आगामी सोमवार को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा। इसके अलावा पुलिस ने शनिवार शाम तक करीब 45 लोगों के बयान दर्ज किए। इनमें ज्यादातर घायल और मौके पर मौजूद लोग हैं। अभी एफआईआर दर्ज कराने वाले जज के बयान दर्ज नहीं हुए हैं।