दिल्ली पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन करते वकील
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शाम करीब पांच बजे किसी तरह कोर्ट में दाखिल होकर पुलिसकर्मियों ने वकीलों को खदेड़ा। इसके बाद दमकल की गाड़ियां भी कोर्ट परिसर में दाखिल हो पाईं। देर शाम तक पुलिस के आलाधिकारी वकीलों को समझाने में लगे थे।
मीडिया कर्मियों से धक्का-मुक्की
गुस्साए वकीलों ने कवरेज कर रहे मीडिया कर्मियों के साथ भी धक्का-मुक्की करने के अलावा उनके मोबाइल छीन लिए। बाहर वीडियो बना रहे आम लोगों के मोबाइल भी छीन लिए गए। वकीलों का आरोप था कि उनके दो साथियों को गोली लगी है, जबकि कई महिला वकील भी चोटिल हुईं हैं।
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से बदसलूकी
बवाल की सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त हरेंद्र सिंह व उपायुक्त मोनिका भारद्वाज मौके पर पहुंचे तो उनके साथ भी बदसलूकी की गई। कुछ समय के लिए वकीलों ने कोर्ट को पूरी तरह से घेर लिया।
वकील कोर्ट के अंदर व पुलिस बाहर मौजूद थी। हालात बिगड़ते देखकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने आसपास के सभी थानों के अलावा दूसरे जिलों से फोर्स बुला ली। स्पेशल सीपी (लॉ एंड ऑर्डर नॉर्थ) संजय सिंह, संयुक्त आयुक्त मनीष कुमार अग्रवाल, आलोक कुमार समेत कई पुलिस उपायुक्त मौके पर पहुंचे।
दिल्ली पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन करते वकील
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पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को बवाल के दौरान लॉकअप में 100 से अधिक कैदी थे। उनकी सुरक्षा करने में पुलिसकर्मियों के पसीने छूट गए। उन्होंने अतिरिक्त पुलिस बल के आने तक लॉकअप को घेरे रखा। 5 बजे फोर्स अंदर दाखिल हुई और वकीलों को खदेड़ा गया।
इस बीच पूरी कोर्ट में अफरा-तफरी का माहौल रहा। कुछ वकील अपने चैंबर बंद कर चले भी गए, जबकि बड़ी संख्या में कोर्ट में मौजूद रहे। दूसरी ओर, कोर्ट परिसर में मौजूद जिन आम लोगों और मीडियाकर्मियों ने बवाल का वीडियो बनाने का प्रयास किया, उनके मोबाइल छीनकर तोड़ दिए गए। कुछ की पिटाई भी कर दी गई। शाम 6 बजे के बाद ही वकीलों को शांत किया जा सका। हालांकि देर रात तक कोर्ट में तनाव का माहौल बना था।
दिल्ली पुलिस और वकीलों में झड़प
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तीस हजारी कोर्ट में वकील विजय वर्मा को गोली लगने की घटना के बाद बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने पुलिस के रवैये की कड़ी निंदा की है। इस घटना को लेकर काउंसिल ने रविवार को वकीलों की आपात बैठक बुलाई है।
अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने कहा कि कार पार्किंग जैसे मामूली मुद्दे पर पुलिस की ओर से वकील पर फायरिंग करना दर्शाता है कि उसका रवैया गैरजिम्मेदाराना और आपराधिक है। उन्होंने मांग की कि आरोपी पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करके गिरफ्तार करना चाहिए, ताकि ऐसे आपराधिक पुलिसकर्मी खुले न घूम सकें। रविवार को इसी मुद्दे को लेकर वकीलों की आपात बैठक के लिए सूचना भेजी गई है।
इसके साथ ही बार ने सभी अदालतों के वकीलों से अपील की है कि वे किसी भी सूरत में कानून को अपने हाथ में न लें। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों को भी इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ जल्द सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि इस घटना का न्यायपालिका के कामकाज पर कोई असर न पड़े। आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई नहीं की गई तो बार काउंसिल इसके विरोध में कदम उठाएगी।
तीस हजारी कोर्ट में हुए बवाल की जांच स्पेशल सीपी की निगरानी में अपराध शाखा की एसआईटी करेगी। देर रात जारी बयान में दिल्ली पुलिस ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के मुताबिक, खुद स्पेशल सीपी पूरे घटनाक्रम की जांच करेंगे।
पुलिस ने वकीलों और पुलिस की ओर से मिली शिकायत के बाद क्रॉस एफआईआर दर्ज की है। बवाल के दौरान एक अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त और दो एसएचओ समेत कुल 20 पुलिसकर्मियों को चोटें लगी हैं। 8 वकील भी घायल हुए हैं।
दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त प्रवक्ता अनिल मित्तल ने बताया कि वकीलों ने लॉकअप तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश की तो पुलिस ने कैदियों की सुरक्षा और आत्मरक्षा के लिए हवा में गोली चलाई, जो वकील को जा लगी। यह गोली वकील को कैसे लगी, इसकी जांच सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (सीएफएसएल) की टीम करेगी। पुलिस ने लॉकअप के बाहर और अंदर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज कब्जे में ले ली है।