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टिकैत का इशारा ...दिल्ली में अबकी 26 जनवरी की परेड देखकर आएंगे

Sun, 29 Nov 2020 06:37 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
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rakesh tikait - फोटो : अमर उजाला
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कृषि कानूनों के विरोध में किसानों के साथ मेरठ से दिल्ली कूच कर रहे भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने यूपी बॉर्डर पर पहुंचने से पहले राजधानी में डेरा डालने का इशारा किया। उन्होंने कहा कि हमारे बड़े-बुजुर्ग कह रहे हैं इसलिए दिल्ली की 26 जनवरी की परेड जरूर देखेंगे। अबकी किसान दिल्ली में 26 जनवरी और 15 अगस्त सब देखेगा यानी कृषि कानून वापस नहीं लिए जाने तक भाकियू केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध जारी रहेगा।

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शनिवार को दोपहर के करीब दो बजे भाकियू का काफिला मेरठ से चलकर दुहाई ईस्टर्न पेरिफेरल पहुंचा। ट्रैक्टर पर अन्य किसान नेताओं के साथ राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने स्टेयरिंग संभाल रखी थी। यहां करीब 15 मिनट काफिला रुका। राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों के साथ अन्याय किया जा रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कृषि कानून का भाकियू ने शुरू से ही विरोध किया है। इनके वापस होने तक लगातार विरोध किया जाएगा। 

उन्होंने कहा कि जब तक किसानों की समस्या का समाधान नहीं होगा, भाकियू कार्यकर्ता व किसान सड़क पर आंदोलन करते रहेंगे। दिल्ली में प्रवेश पर उन्होंने कहा कि अबकी बार किसान आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। किसान हितों के लिए भाकियू किसी के सामने झुकने को तैयार नहीं है।
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हठधर्मिता छोड़ किसानों के हक में निर्णय ले केंद्र : गौरव टिकैत
किसानों के लिए केंद्र सरकार को हठधर्मिता छोड़कर निर्णय लेना चाहिए। नरेश टिकैत के बेटे एवं भाकियू युवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरव टिकैत ने कहा कि अबकी बार किसान अपनी मांगों को पूरा करवाने के बाद ही दिल्ली से लौटेंगे।

दुहाई पर समय से पहले पहुंच कर गौरव टिकैत ने कार्यकर्ताओं और किसानों में जोश भरने का काम किया। दिल्ली कूच करने से पहले अगली रणनीति पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि किसान चारों तरफ से दिल्ली को घेरेंगे। केंद्र सरकार को समझना पड़ेगा कि किसानों में आक्रोश है और स्थिति विकट होने वाली है। 

केंद्र सरकार के पास सब साधन हैं, इस तरह का काम केंद्र सरकार न करें, जिससे किसानों को सड़कों पर उतरना पड़ता है। दिल्ली में प्रवेश पर कहा कि अब से पहले भी दिल्ली में आंदोलन हुए हैं। केंद्र सरकार को अपनी हठधर्मिता को त्यागना पड़ेगा।

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