जांच में घटना के दिन की सीसीटीवी फुटेज देखी गई तो फुटेज में किसी भी तरह की हाथापाई का खुलासा नहीं हो सका। हैरत की बात यह है कि अधिकारी के कमरे से बाहर निकलने के बाद कैदी बैडमिंटन खेलता हुआ विडियो में दिखा। अधिकारियों के मुताबिक उसकी पीठ में दर्द होने के बावजूद कैसे बैडमिंटन खेल रहा था, इस पर भी कई सवाल उठे।
कैदी ने किया था ब्लीचिंग पाउडर का इस्तेमाल
तिहाड़ जेल के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक आरोपी कैदी ने अपने साथी के सहयोग से पीठ पर ओम बनवाया था। आरोपी कैदी नबीर पर मकोका के तहत मामला दर्ज है और वह पिछले करीब डेढ़ वर्ष से जेल में बंद है।
ओम लिखवाने के लिए आरोपी ने चूना पत्थर और चूना पाउडर और ब्लीचिंग पाउडर का इस्तेमाल किया, जिसका जांच में खुलासा हुआ। जांच के दौरान जेल में बंद अन्य कैदियों से भी इस मामले में पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए गए थे। इस मामले की जांच रिपोर्ट अदालत को सौंप दी गई है।