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तिहाड़ में कैदी की पीठ पर ओम लिखने के मामले में चौंकाने वाला खुलासा, खुद रची थी साजिश

Thu, 06 Jun 2019 05:18 PM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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फाइल फोटो - फोटो : Social Media
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तिहाड़ जेल में बंद कैदी की पीठ पर अधिकारी की तरफ से ओम गोदने के मामले की सच्चाई सामने आ चुकी है। इस मामले की जांच रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि शिकायतकर्ता ने खुद ही अपने शरीर पर ब्लीचिंग पाउडर और चूना पाउडर से ओम लिखवाया, लेकिन अधिकारियों पर आरोप थोप दिया। यह रिपोर्ट अदालत को सौंप दी गई है।

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तिहाड़ जेल नंबर-चार के हाई सिक्योरिटी वार्ड में बंद कैदी नबीर ने कड़कड़डूमा अदालत में पेशी के दौरान तिहाड़ प्रशासन के एक अधिकारी पर उसकी पीठ पर ओम गोदने का आरोप लगाया था।

अदालत में कैदी ने 12 अप्रैल को अपनी शर्ट खोलकर दिखाते हुए जेल में भूखा रखे जाने और ओम गोदने के आरोप जेल अधीक्षक पर लगाए थे। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अदालत ने पूरे मामले की जांच करवाने के आदेश दिए थे।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए जेल के डीआईजी की देखरेख में जांच के लिए एक टीम गठित की गई। साथ ही कैदी ने यह भी आरोप लगाए थे कि यह घटना जेल अधीक्षक के कमरे में हुई थी।

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जांच में घटना के दिन की सीसीटीवी फुटेज देखी गई तो फुटेज में किसी भी तरह की हाथापाई का खुलासा नहीं हो सका। हैरत की बात यह है कि अधिकारी के कमरे से बाहर निकलने के बाद कैदी बैडमिंटन खेलता हुआ विडियो में दिखा। अधिकारियों के मुताबिक उसकी पीठ में दर्द होने के बावजूद कैसे बैडमिंटन खेल रहा था, इस पर भी कई सवाल उठे।

कैदी ने किया था ब्लीचिंग पाउडर का इस्तेमाल
तिहाड़ जेल के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक आरोपी कैदी ने अपने साथी के सहयोग से पीठ पर ओम बनवाया था। आरोपी कैदी नबीर पर मकोका के तहत मामला दर्ज है और वह पिछले करीब डेढ़ वर्ष से जेल में बंद है।

ओम लिखवाने के लिए आरोपी ने चूना पत्थर और चूना पाउडर और ब्लीचिंग पाउडर का इस्तेमाल किया, जिसका जांच में खुलासा हुआ। जांच के दौरान जेल में बंद अन्य कैदियों से भी इस मामले में पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए गए थे। इस मामले की जांच रिपोर्ट अदालत को सौंप दी गई है। 
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