अपराध कर जेल में बंद कैदियाें की जिंदगी सुधारने और उनके अपराध के बजाय रोजगार की तरफ रुख करने के लिए तिहाड़ जेल व्यापक स्तर पर प्रशिक्षण देने की पहल कर रहा है। जेल प्रशासन स्किल इंडिया के तहत दस हजार कैदियों को प्रशिक्षित करेगा। प्रशिक्षण लेने के बाद सभी कैदियों को प्रमाण पत्र दिया जाएगा, जिसके आधार पर जेल से निकलने के बाद वह रोजगार कर सकेंगे।
जेल प्रशासन का कहना है कि देश भर के जेलों में सुधार योजना के तहत यह सबसे बड़ा प्रशिक्षण कार्यक्रम होगा। जेल अधिकारी ने बताया कि दस हजार कैदियों के चयन का काम जेल अधीक्षकों को सौंपा जाएगा। जो कैदियों के हुनर और उनके अच्छे आचरण के आधार पर उनका चयन करेंगे। अधिकारी ने बताया कि जेल में कोई कैदी अच्छा खाना बनाता है तो उसे खाना बनाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। ताकि वह जेल से निकलने के बाद किसी होटल में अपनी सेवा दे सके और अपराध से खुद को दूर रख सके। तिहाड़ के सोलह जेलों में 20 हजार से ज्यादा कैदी बंद हैं।
इस प्रशिक्षण में हर जेल से 50 फीसदी कैदियों का चयन किया जाएगा। पहले छोटे अपराध कर जेल में बंद कैदियों का चयन किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि प्रशिक्षण चार दिनों का होगा। फरवरी माह में इसकी शुरुआत की जाएगी और अप्रैल माह तक दस हजार कैदियों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। जेल अधिकारी का कहना है कि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले कैदियों को रोजगार मिल सके इसके लिए प्रायोजकों से बातचीत की जा रही है। हर क्षेत्र में प्रायोजक के मिल जाने से कैदियों को प्रशिक्षण लेने के बाद रोजगार की भी गारंटी हो जाएगी।