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सुधा भारद्वाज दिनभर रहीं नजरबंद, घर पर रहा पुलिस का कड़ा पहरा

Wed, 29 Aug 2018 08:43 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, फरीदाबाद
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sudha bharadwaj
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर ट्रेड यूनियन कार्यकर्ता सुधा भारद्वाज बुधवार को दिनभर घर में नजरबंद रहीं। उनके घर पर पुलिस का पहरा रहा। इस दौरान उन्हें किसी से मिलने नहीं दिया। घर में सुधा भारद्वाज के अलावा उनकी बेटी मायशा व एक सहयोगी मौजूद थी। सुबह डीसीपी एनआईटी नितिका गहलोत भी वहां पहुंचीं और सुरक्षा प्रबंधों का जायजा लिया।

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सुधा भारद्वाज को भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में मंगलवार को महाराष्ट्र पुलिस ने गिरफ्तार किया था। महाराष्ट्र पुलिस ने उन्हें जिला अदालत में पेश कर पुणे ले जाने के लिए ट्रांजिट रिमांड की मांग की थी। मगर उनके वकीलों ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई, जिस पर अदालत ने उन्हें दो दिन घर में ही नजरबंद रखने के आदेश दिए।

मंगलवार आधी रात के बाद करीब 2 बजे वे अपने घर साउथ एंड अपार्टमेंट, इरोज गार्डन पहुंची थीं। रात को ही सूरजकुंड थाना पुलिस की गार्द उनके घर पर तैनात कर दी गई थी। उनके घर में महिला पुलिस के अलावा बाहर पीसीआर तैनात की गई है। किसी को भी उनके फ्लैट में जाने की इजाजत नहीं है।  

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हैरान हैं आसपास के लोग

इरोज गार्डन स्थित साउथ एंड अपार्टमेंट में पिछले दो दिन से पुलिस व मीडिया का जमावड़ा देखकर वहां रहने वाले लोग भी हैरान हैं। साउट एंड अपार्टमेंट में एफ-1 से एफ-4 तक चार ब्लॉक हैं। सुधा भारद्वाज का फ्लैट एफ-4 ब्लॉक में है। उसके सामने ही एफ-3 ब्लॉक है।

ऐसे में मीडिया और पुलिस की भीड़ को देखकर अधिकांश लोग दिनभर अपने घरों में रहे। कभी कभार बीच में कोई झांक कर बाहर का माहौल देखता और फिर अंदर चला जाता। कोई भी इस मुद्दे पर कुछ बोलने को या बात करने को तैयार नहीं है। सोसायटी के गेट पर भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। मंगलवार तक कोई भी बेरोकटोक सोसायटी में आ जा रहा था, मगर बुधवार को सोसायटी के गेट पर तैनात निजी सुरक्षा कर्मी वहां आने वाले लोगों को पूछताछ के बाद ही अंदर जाने दे रहे थे। 

लगा रहा मीडिया का जमावड़ा
बुधवार सुबह सुधा भारद्वाज के घर में नजरबंद (हाउस अरेस्ट) की खबर मीडिया को लगी, तो उनके घर के बाहर मीडिया का जमावड़ा लग गया। दिल्ली से कई चैनलों के पत्रकारों के अलावा स्थानीय मीडिया भी उनके घर के बाहर पहुंच गई। पत्रकारों ने उनसे मिलने और बातचीत करने की इच्छा जताई, मगर पुलिस ने अदालत व उच्च अधिकारियों के आदेशों का हवाले देकर बात करवाने से मना कर दिया। पुलिस मीडिया कर्मियों को उनके फ्लैट तक भी नहीं जाने दे रही थी।  
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