दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि तमिलनाडु के पूर्व सैनिक एम सुब्बुसानी (78) ने ईओडब्ल्यू में शिकायत दर्ज कराई है। इन्होंने अपनी शिकायत में कहा है कि पीड़ित युवक जून व जुलाई महीने के बीच एक महीने तक नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर अलग-अलग प्लेटफार्म पर ट्रेन व डिब्बों की निगरानी करते रहे।
जालसाजों के गिरोह ने पीड़ित युवकों से 2.67 करोड़ रुपये ठग लिए। युवकों से रेलवे स्टेशन के अलग-अलग फ्लेटफार्म पर रोज आठ घंटे की ड्यूटी करवाते रहे। युवकों को बताया जाता था कि उनकी ड्यूटी यही है। युवकों के साथ टिकट परीक्षक, यातायात सहायक और क्लर्क के पदों पर भर्ती कराने का झांसा दिया गया था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार छात्रों को जालसाजों से मुलाकात एम. सुब्बुसानी ने कराई थी। हालांकि एम. सुब्बुसानी को पता नहीं था कि वह युवकों की जालसाजों से मुलाकात करवा रहे हैं। एम. सुब्बुसानी ने विकास राणा नाम के व्यक्ति को पैसे दिए थे। उसने दिल्ली में उत्तर रेलवे कार्यालय में खुद को उप-निदेशक बताया था। ज्यादातर पीड़ित छात्रों ने इंजीनियरिंग की हुई है। इस मामले में मंगलवार शाम तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया था।