-आरोपियों के कब्जे से 55 हजार रुपये, टोकन, रजिस्टर और बिजली बिल बरामद, दो महिलाओं को मुक्त कराया
-गैंग के अन्य सदस्यों की पहचान और तलाश में जुटी पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
कमला मार्केट थाना पुलिस ने महिलाओं को बंगाल से नौकरी दिलाने का झांसा देकर दिल्ली लाकर उन्हें कोठे पर बेचने और उनसे जबरन देह व्यापार कराने वाले गैंग का खुलासा किया है। पुलिस ने गैंग की सदस्य, दलाल और कोठे की देखभाल करने वाली तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने कोठा से 55 हजार रुपये, टोकन, रजिस्टर और बिजली का बिल बरामद किया है। शुरुआती जांच में पता चला कि पकड़ी गई दो महिला पर पहले से मानव तस्करी का मामला दर्ज है और इस मामले में दोनों जमानत पर थी।
मध्य जिला पुलिस उपायुक्त रोहित राजवीर सिंह ने बताया कि गिरफ्तार महिलाओं की पहचान गीता, मंजू और पारो खातून के रूप में हुई है। 26 अगस्त को 60 साल की महिला स्वामी श्रद्धानंद महिला पुलिस पोस्ट पहुंची। उसने बताया कि 26 साल की उसकी शादीशुदा बेटी 2 मई से पश्चिम बंगाल से लापता थी। 25 अगस्त को बेटी ने उससे फोन पर संपर्क कर दिल्ली के जीबी रोड स्थित कोठा नंबर 58 में कैद में रखने की बात कही। इस सूचना पर पुलिस टीम तुरंत कोठा नंबर 58 पहुंचीं और पीड़िता को सुरक्षित वहां से निकाल लिया।
नौकरी का झांसा देकर लाया गया दिल्ली
पीड़िता ने बताया कि दो मई को वह पश्चिम बंगाल के एक रेलवे स्टेशन पर थी, तभी कालू नाम के युवक ने नौकरी दिलाने का झांसा देकर उसे दिल्ली बुलाया। यहां आने पर उसका मोबाइल ले लिया और उसे कोठे की देखभाल करने वाली गीता को बेच दिया। गीता ने उसे एक महीने तक अपने घर पर रखा और फिर उसे जीबी रोड के कोठा ले गई।
जांच के दौरान 28 साल की एक और महिला महिला पुलिस चौकी पहुंची। उसने बताया कि करीब दो साल पहले पश्चिम बंगाल में अपने पति और सास के साथ झगड़े के बाद वह अपने 8 साल के बेटे के साथ घर से निकल गई थी। सियालदह रेलवे स्टेशन जाते समय एक महिला ने उसके बेटे को खाना-पीना देकर उसका भरोसा जीता और फिर मदद करने के बहाने उन्हें अपने घर ले गई। उसके अगले दिन नौकरी का झांसा देकर उन्हें नई दिल्ली रेलवे स्टेशन लेकर आई।
आरोपियों की पिछली संलिप्तता
जांच के दौरान पता चला कि रेशमा, मंजू और गीता पहले भी मानव तस्करी और शोषण के ऐसे ही एक मामले में शामिल रही हैं। इनके खिलाफ 2025 में कमला मार्केट पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में सभी अदालत से मिली जमानत पर बाहर हैं।