सुलेमान को जैसे ही उसकी तीन बेटियों की एक साथ पानी में डूबकर मौत होने की सूचना मिली, तो समझो उसकी जिंदगी ही उजड़ सी गई। इस घटना के बाद से घर पर ही मातम का माहौल नहीं है, बल्कि पूरे मेवात में जिसको भी इसकी सूचना मिली सभी गमजदा हैं।
सुलेमान के परिवार की आर्थिक स्थिति कोई बहुत अच्छी नहीं है। उसने इंटों का एक कच्चा घर बना रखा है। जिसमें वह परिवार के साथ रहता है। मजदूरी के साथ-साथ वह घर का गुजारा ठीक प्रकार से चल सके इसके लिए दो भैंसें पाल रखी हैं। जिसका दूध बेचा जाता है।
सुलेमान का कहना है कि उसने अपनी तीनों बेटियों को जंगल में चारा न लाने को कहा था, क्योंकि बारिश लगातार हो रही है। ऐसे में जगह-जगह कीचड़ और पानी भरा हुआ है। वहीं जंगल में सांप-बिच्छू जैसे जहरीले जानवर ज्यादा निकलते रहते हैं। लेकिन वे उसे बिना बताए ही चली गईं।
गांव बिछौर के लोगों का कहना है कि सुलेमान बहुत ही गरीब आदमी है। उसके घर में खाने की भी कमी है। मरने वाली बड़ी बेटी के दो और छोटी बेटी का एक बच्चा भी अब उसी की जिम्मेदारी हो गए हैं। सरकार को परिवार और बच्चों की परवरिश के लिए सहायता करनी चाहिए।