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पिता को बिना बताए गई थीं घर से बाहर, मौत खींच ले गई उजीना ड्रेन

Fri, 07 Sep 2018 08:40 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, पुन्हाना
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Three Sister Drown
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गांव बिछौर में एक साथ तीन बहनों की नहर में डूबकर मौत होने से हर किसी की आंखें डबडबाई हुई हैं। घर, गांव और मेवात में मातम छाया हुआ है। हालांकि अगर पिता की बात बेटियों ने मान ली होती, तो शायद यह दुखद घटना न हुई होती।

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बारिश के चलते पिता ने तीनों को जंगल जाने से मना भी किया था, लेकिन वे उसको बिना बताए चारा लेने गई थीं और वहां से मौत उनको खींचकर उजीना ड्रेन ले गई।

65 वर्षीय सुलेमान ईंट भट्टा पर मजदूरी के करके परिवार पालता है। उसके तीन बेटे और चार बेटियां हैं। सबसे बड़ी बेटी अपनी ससुराल में रहती है। लेकिन उससे छोटी बेटी रुकमीना की शादी पलवल जिला के गांव खल्लूका में की गई है।

उसके दो बच्चे भी हैं, लेकिन पति के जुआ और नशे में लिप्त होने और मारपीट करने के कारण वह करीब तीन महीने से मायके में ही रह रही है। उससे छोटी बेटी रुकसीना अभी कुछ दिन पहले ही मायके में मिलने आई है, जिसके एक बच्चा है। वहीं सहरूना 15 वर्षीय अभी नाबालिग थी।

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लगातार हो रही बारिश

सुलेमान को जैसे ही उसकी तीन बेटियों की एक साथ पानी में डूबकर मौत होने की सूचना मिली, तो समझो उसकी जिंदगी ही उजड़ सी गई। इस घटना के बाद से घर पर ही मातम का माहौल नहीं है, बल्कि पूरे मेवात में जिसको भी इसकी सूचना मिली सभी गमजदा हैं।
 
सुलेमान के परिवार की आर्थिक स्थिति कोई बहुत अच्छी नहीं है। उसने इंटों का एक कच्चा घर बना रखा है। जिसमें वह परिवार के साथ रहता है। मजदूरी के साथ-साथ वह घर का गुजारा ठीक प्रकार से चल सके इसके लिए दो भैंसें पाल रखी हैं। जिसका दूध बेचा जाता है। 

सुलेमान का कहना है कि उसने अपनी तीनों बेटियों को जंगल में चारा न लाने को कहा था, क्योंकि बारिश लगातार हो रही है। ऐसे में जगह-जगह कीचड़ और पानी भरा हुआ है। वहीं जंगल में सांप-बिच्छू जैसे जहरीले जानवर ज्यादा निकलते रहते हैं। लेकिन वे उसे बिना बताए ही चली गईं।

गांव बिछौर के लोगों का कहना है कि सुलेमान बहुत ही गरीब आदमी है। उसके घर में खाने की भी कमी है। मरने वाली बड़ी बेटी के दो और छोटी बेटी का एक बच्चा भी अब उसी की जिम्मेदारी हो गए हैं। सरकार को परिवार और बच्चों की परवरिश के लिए सहायता करनी चाहिए।
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