दक्षिण-पूर्व जिले की किशनगढ़ थाना पुलिस ने मृत लैब सहायक गुलशन दास (35) और उसकी मां कांता देवी (56) के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज किया है।
दक्षिण-पश्चिमी जिला डीसीपी देवेंद्र आर्या ने बताया कि गुलशन दास व सुनीता की शादी को 7 वर्ष नहीं हुए थे। इस कारण एसडीएम की जांच रिपोर्ट के बाद दहेज हत्या का मामला दर्ज किया गया है। जांच में मां-बेटे के सुनीता को दहेज के लिए परेशान करने और मारपीट कर घर से निकालने का पता चला है।
उल्लेखनीय है कि आईआईटी दिल्ली के कैंपस क्वार्टर में शुक्रवार रात लैब सहायक गुलशन दास, उसकी पत्नी सुनीता और मां कांता देवी के शव फंदे में लटके मिले थे। देवेंद्र आर्य के मुताबिक, पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों ने कहा है कि सभी की मौत फांसी लगने यानी दम घुटने से हुई। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
तीनों के ही शरीर पर चोट के निशान नहीं मिले हैं। पहले सुनीता, फिर गुलशन दास की मां कांता देवी ने फांसी लगाई। सुनीता ने शुक्रवार दिन में करीब दो बजे, कुछ देर बाद कांता और इनके करीब दो घंटे बाद गुलशन दास ने फांसी लगाई।
पुलिस के अनुसार, सुनीता व सास कांता में 25 जुलाई को बहुत ज्यादा झगड़ा हुआ था। इसके बाद सुनीता ने अपनी मां कृष्णा देवी से लगातार बात की थी। सुनीता की कॉल डिटेल से पता लगा है उसने 25 जुलाई को मां से करीब दस बार बात की थी। कई बार यह काफी लंबी चली।
सुनीता ने मां को बताया था कि सास व पति ने उससे झगड़ा किया है और ये लोग उसे दहेज के लिए मारते हैं। कांता बहुत ज्यादा बोलती थी और उसी की वजह से घर में झगड़ा होता था।