फर्जी कंपनी खोलकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले दंपती सहित तीन लोगों को कविनगर पुलिस ने गुजरात से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक मुकदमा दर्ज होने के बाद से आरोपी सूरत में फरारी काट रहे थे। पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
कविनगर एसएचओ मोहम्मद असलम ने बताया कि एफ ब्लॉक गोविंदपुरम निवाली सुरजीत बेरा शिप्रा मॉल में नौकरी करता था। वह अपनी तनख्वाह का कुछ हिस्सा शेयर मार्केट में लगाता था। मुनाफा होने पर उसने मोटी रकम निवेश करने की योजना बनाई। उसने करीब तीन साल पहले एसएसबी फेसिलिटीज के नाम से फर्जी कंपनी बनाई और अपने जानकारों को शेयर मार्केटिंग में मोटे मुनाफेका लालच देकर मोटी रकम इकट्ठा कर ली।
एसएचओ ने बताया कि सुरजीत ने अपने इस गोरखधंधे में श्रवण परमहंस यादव को भी शामिल कर लिया। श्रवण भी सुरजीत के साथ शिप्रा मॉल में नौकरी करता था। वह मूलरूप से मंडी नगर उघना थाना डिंज्डौली, सूरत (गुजरात) का रहने वाला है और वर्तमान में गांधी मार्केट सागरपुर, दिल्ली में रहता है। दोनों आरोपी 25 लोगों से करीब तीन करोड़ रुपये ऐंठकर भाग गए। पीड़ितों की शिकायत पर कविनगर पुलिस ने 15 जून 2019 को धोखाधड़ी व अमानत में खयानत का मुकदमा दर्ज किया था, तभी से पुलिस आरोपियों की फिराक में थीं।
पत्नी-बच्चों के साथ गुजरात शिफ्ट हुआ आरोपी
एसएचओ ने बताया कि जांच में पता चला कि सुरजीत अपनी पत्नी पूजा बेरा व बेटी वंदना के साथ गुजरात के सूरत में शिफ्ट हो गया। पुलिस ने आरोपियों की लोकेशन निकालकर सुरजीत, उसकी पत्नी पूजा और साथी श्रवण परमहंस यादव को गुजरात से गिरफ्तार कर लिया।
मुकदमे में सुरजीत के भाई व बेटी का भी नाम
एसएचओ ने बताया कि ठगी के पीड़ितों ने सुरजीत के भाई आशीष व उसकी बेटी वंदना का नाम भी लिखवाया था, लेकिन जांच में अभी तक भाई का कोई रोल नजर नहीं आया है। साथ ही बेटी भी 11 साल की है, जिसका नाम भूलवश पीड़ितों ने लिखवा दिया। सुरजीत के मुताबिक, उसने लोगों से पैसा लेकर शेयर मार्केट में लगाया था, लेकिन मार्केट डाउन जाने से सारी रकम डूब गई।