यानी हर दो दिन में तीन लोगों को किसी न किसी वजह से मार दिया गया। हत्या की कोशिश के मामले भी कम नही हैं। इस साल 15 सितंबर तक 342 लोगों पर जानलेवा हमला किया गया। पुलिस ज्यादातर मामलों को सुलझाने का दावा कर रही है।
ये रहे आंकड़े
वर्ष हत्या
2018 513
2017 487
2016 528
2015 570
(एक जनवरी से 31 दिसंबर तक)
इस वर्ष के नौ माह
वर्ष हत्या
2019 396
2018 338
(2019 1 जनवरी से 30 सितंबर। 2018 में 15 सितंबर तक)
हत्या की कोशिश
वर्ष हत्या
2019 342
2018 385
2017 645
2016 646
2015 770
(2018 और 2019 में 1 जनवरी से 15 सितंबर तक। बाकी सभी 31 दिसंबर तक)
एक नजर में
. 2019 में 30 सितंबर तक 396 लोगों की हत्या।
. 347 मामले सुलझाने का दिल्ली पुलिस ने किया दावा
. 767 लोगों को हत्या के मामले में किया गया गिरफ्तार।
. 44 लोगों की हत्याएं हर माह हो रहीं राजधानी में।
. 49 मामले अब भी अनसुलझे, छानबीन जारी।
. 87.62 फीसदी मामले दिल्ली पुलिस ने सुलझाए।
कुछ प्रमुख अनसुलझे मामले
- उत्तर-पूर्वी दिल्ली के ज्योति नगर इलाके में 16 सितंबर को बाइक सवार बदमाशों ने लूटपाट का विरोध करने पर स्कूटी सवार इलेक्ट्रॉनिक कारोबारी राजुल सिंघल (42) की घर के पास गोली मारकर हत्या कर दी थी।
- पूर्वी दिल्ली के मधु विहार इलाके में 21 सितंबर को पति को डायलिसिस के लिए ले जा रही 59 साल की उषा रानी की बाइक सवार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या की। एक नामी इंश्योरेंस कंपनी में असिस्टेंट मैनेजर उषा उस समय अपनी कार में थीं। सीसीटीवी फुटेज मिली, पर मामला अनसुलझा।
- 25 अगस्त 2017 को सेंट स्टीफन अस्पताल में डॉ. शाश्वत पांडे की गला रेतकर हत्या कर दी गई। आरोप अस्पताल के ही डॉक्टर सुयश गुप्ता लगा, जो फरार है। जुलाई 2018 में शाश्वत की मां की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने केस सीबीआई को सौंपा था।