अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने क्रिप्टो करेंसी निवेश के नाम पर धोखाधड़ी कर एक व्यवसायी से 39.5 लाख रुपये ठगने के आरोप में मुख्य आरोपी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान पहाडग़ंज निवासी कृष्ण कुमार उर्फ मोनू (42), गोपालपुर निवासी दीपू (32) और जीटीबी एन्क्लेव निवासी मोहम्मद इरफान शेख (31) के रूप में हुई है।
अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त आदित्य गौतम ने बताया कि महेंद्र एन्क्लेव के 47 वर्षीय स्टेशनरी दुकान के मालिक (शिकायतकर्ता) को उच्च लाभ दिलाने का वादा कर एक फर्जी सोशल साइट के माध्यम से क्रिप्टो करेंसी में निवेश करने को कहा गया था। इस योजना को असली मानकर शिकायतकर्ता ने विभिन्न बैंक खातों में 39.5 लाख रुपये भेज दिए। जांच के दौरान जांचकर्ताओं को करोल बाग स्थित एक निजी बैंक में आरएस मैनेजमेंट सर्विसेज के नाम से संचालित म्यूल खाता मिला। अधिकारी ने कहा कि इस खाते में 17 फरवरी को ठगी गई राशि में से 10 लाख रुपये आए थे। यह खाता राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज कम से कम नौ अन्य शिकायतों से जुड़ा हुआ था।
खाताधारक का नाम कृष्ण कुमार था जो फरार है और गिरफ्तारी से बचने के लिए बार-बार अपना आवास और मोबाइल नंबर बदल रहा था। जांच के बाद आरोपी कृष्ण कुमार को 20 अगस्त को गिरफ्तार कर लिया। उससे पूछताछ के बाद उसके सहयोगी दीपू को एक दिन बाद गिरफ्तार कर लिया गया। उसके बाद इरफ़ान को भी पहाडग़ंज से गिरफ्तार कर लिया गया। दीपू अरविंद, इरफान और अन्य सहयोगियों के साथ काम करता है। वह खाताधारकों को यह विश्वास दिलाकर कि धन गेमिंग से आएगा और म्यूल कॉर्पोरेट बैंक खातों की व्यवस्था करता है। अरविंद पहले से ही साइबर वेस्ट पुलिस थाने के एक मामले में न्यायिक हिरासत में है।