बादशाहपुर निवासी संदीप की पत्नी काफी खुश थी और मायके जाने के लिए तैयार थी। उसने अपने पति को मायके जाने की सूचना देने के लिए फोन किया था लेकिन फोन पुलिसकर्मी ने उठाया और संदीप की सड़क दुर्घटना में मौत होने की सूचना दी।
जिससे पूरे घर में मातम पसर गया। परिजन शव लेने के लिए तुरंत ही हापुड़ रवाना हो गए। हापुड़ पहुंचकर परिजनों ने अन्य दोनों युवकों की भी पहचान कर उनके परिजनों को सूचना दी। सोमवार दोपहर बाद तीनों युवकों के शव गुरुग्राम पहुंचे जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया। युवकों की मौत से गांव बादशाहपुर व बाघनकी में मातम पसर गया।
मृतक रोहित उर्फ मोनू के परिजनों ने बताया संदीप का बिल्डिंग मैटीरियल का काम था। उसके हाइवा (डम्पर) थे जो मुजफ्फरनगर के पास मिट्टी ढोने के काम में एक कंपनी में लगाए हुए थे, जो रेलवे का काम कर रही है। संदीप प्रत्येक 15 से 20 दिन में मुजफ्फरनगर के पास जाता था।
यहां गाड़ियों की मरम्मत करवाने के अलावा कंपनी से पेमेंट लेकर वापस आता था। रविवार सुबह बादशाहपुर निवासी संदीप, रोहित व संदीप का रिश्तेदार और गांव बाघनकी निवासी गोलू सुबह करीब 7 बजे घर से निकले थे। भुगतान लेकर वह वापस लौट रहे थे कि यह हादसा हो गया।