चंद रुपयों के लिए एक इंजीनियर लड़के को उसके तीन दोस्तों ने बाजरे के खेत में ले जाकर जिंदा जला दिया। मामला 2012 का है। बहुत ताज्जुब है कि इस पूरी योजना का मास्टर माइंड और कोई नहीं एक पुलिसकर्मी था।
अब इस मामले में तीनों हत्यारों को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राजेश मल्होत्रा ने उम्रकैद और 9.75 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। तीनों को जेल भेज दिया गया है।
कत्ल की दास्तां यहां से शुरू होती है
बल्लभगढ़ त्रिखा कॉलोनी में रहने वाला अंकित देसवाल एक निजी कंपनी में काम करता था। उसकी दोस्ती पुलिस विभाग में तैनात धौज निवासी तारिफ से थी। 2012 की शुरुआत में अंकित ने तारिफ से बताया था कि वह नौकरी छोड़कर अपनी वर्कशॉप खोलना चाहता है।
पहले नशीली दवा देकर बेहाश किया
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उसने बताया था कि वर्कशॉप के लिए करीब 60 लाख रुपये लगेंगे। तारिफ को लालच आ गया और उसने अंकित को लूटने की साजिश रची। 1 अप्रैल 2012 को तारिफ ने बल्लभगढ़ बस अड्डे पर स्थित पीसीओ से अंकित को फोन किया, अपना नाम राहुल बताते हुए अंकित को मिलने के लिए कहा।
दोनों का बल्लभढ़ में मिलना तय हुआ। बल्लभगढ़ में तारिफ और उसका दो दोस्त अजरुद्दीन एक कार में पहुंचे। मजाक में राहुल नाम से फोन करने की बात कह दोनों ने अंकित को कार में बैठा लिया। रास्तें में उन्होंने अंकित को नशीली कोल्डड्रिंक पिला दी जिससे वह बेहोश हो गया।
तारिफ उसे धौज गांव ले गया। यहां उसने अपने तीसरे दोस्त परवेज को भी बुला लिया। तीनों ने पंप से पेट्रोल खरीदा। करनेरा गांव के पास बाजरे के खेतों में अंकित पर पेट्रोल छिड़क आग लगाकर जिंदा जला दिया। 6 अप्रैल 2012 को अंकित का शव पुलिस ने बरामद किया था।
बेटे को नहीं पहचान सके पिता
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बुरी तरह जला होने की वजह से पिता करमचंद देसवाल बेटे की पहचान नहीं कर सके थे। करमचंद के मुताबिक, 23 मई 2012 को उनके पास अज्ञात नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने बताया कि उनका बेटा अंकित उनके कब्जे में है और उसे छोड़ने के एवज में उन लोगों ने 15 लाख रुपये मांगे।
उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। अपहरणकर्ता ने करमचंद को रुपये देने के लिए कई बार बुलाया, लेकिन खुद एक बार भी नहीं पहुंचा। इस बीच पुलिस ने सर्विलांस के आधार पर उसके मोबाइल की लोकेशन पता कर ली। 1 जून 2012 को पुलिस ने फोन के लोकेशन के आधार पर परवेज और अजरुद्दीन को पाली रोड से गिरफ्तार किया।
पुलिस पूछताछ में दोनों ने तारिफ की साजिश और अंकित की हत्या के बारे में सारी बात बताई। पुलिस ने तारिफ को भी गिरफ्तार कर लिया। तब से यह मामला अदालत में विचाराधीन था। शुक्रवार को आरोपियों को सजा हुई।