दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने शुक्रवार को करीब 10 करोड़ रुपये गबन करने के आरोप में एक निजी कंपनी के तीन पूर्व निदेशकों को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों के खिलाफ मनीवाइज फाइनेंसियल सर्विस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने वर्ष 2019 में शिकायत दर्ज कराई थी। तभी से ईओडब्ल्यू तीनों आरोपियाें प्रमोद गोयल, कृष्ण कुमार बंसल और अनिल गुप्ता की तलाश में जुटी थी।
तीनों ने इंदिरापुरम हैबिटेट सेंटर प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी के लिए 10 करोड़ रुपये का लोन लिया था। यह कर्ज दो वर्ष के लिए लिया गया था। पर तीनों रकम का गबन कर फरार हो गए थे ।
ईओडब्ल्यू के संयुक्त आयुक्त ओपी मिश्रा ने बताया कि 2019 में मनीवाइज फाइनेंसियल सर्विस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की ओर से इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई गई थी।
जांच में पता चला कि तीनों आरोपियों ने लोन लिया गया रकम नहीं चुकाया। साथ ही साथ की कंपनी को गिरवी रख उसकी इकाइयों को भी बेच दिया। जांच में कर्ज ली गई राशि का दुरुपयोग की बात सामने आई। साथ ही यह भी पता चला कि कंपनी निदेशकों ने कई अन्य निवेशकों के साथ भी इसी प्रकार से धोखाधड़ी की। नेताजी सुभाष प्लेस थाने में भी इनके खिलाफ तीन धोखाधड़ी की शिकायतें दर्ज थी। ईओडब्ल्यू ने आरोपियों को लाजपत नगर इलाके से गिरफ्तार किया है।