मुरादाबाद रूट पर महामना एक्सप्रेस के बाद दो अन्य यात्री ट्रेनों का
संचालन भी इलेक्ट्रिक इंजन के साथ किया जाना शुरू कर दिया गया है।
अब
गाजियाबाद-मुरादाबाद रूट पर प्रतिदिन तीन ट्रेनें इलेक्ट्रिक इंजन के साथ
दौड़ रही हैं। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक जल्द ही गाजियाबाद-हापुड़ रूट
पर ईएमयू ट्रेनों संचालन शुरू किया जाएगा।
155 करोड़ रुपये की लागत से
रेलवे ने गाजियाबाद से मुरादाबाद तक के रूट का विद्युतीकरण किया है। इस रूट
पर सीआरएस ट्रायल पूरा होते ही उसी दिन से इलेक्ट्रिक मालगाड़ियों का
संचालन शुरू कर दिया गया था।
इसके बाद 22 जनवरी को महामना एक्सप्रेस भी
इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रायल पर दौड़ी। महामना के बाद रेलवे ने अब इस रूट पर
लखनऊ मेल और लखनऊ एसी स्पेशल (राजधानी) को इलेक्ट्रिक इंजन से दौड़ाना शुरू
कर दिया है।
गाजियाबाद-मेरठ रूट पर दौड़ी पहली इलेक्ट्रिक मालगाड़ी
मुरादाबाद रूट के बाद शुक्रवार को गाजियाबाद-मेरठ रूट पर पहली इलेक्ट्रिक मालगाड़ी का संचालन किया गया। रात 8 बजे स्टेशन अधीक्षक और मुख्य वैगन मूवमेंट इंस्पेक्टर ने गाजियाबाद स्टेशन से मालगाड़ी को परतापुर (मेरठ) के लिए रवाना की।
इस रूट पर अब जल्द ही ईएमयू दौड़ाने की तैयारी की जा रही है। माना जा रहा है कि मार्च तक गाजियाबाद से मेरठ और हापुड़ तक ईएमयू का संचालन शुरू हो जाएगा।
डीटीएम डीके चोपड़ा ने बताया कि 42 वैगन वाली मालगाड़ी को इलेक्ट्रिक इंजन (31268) के साथ गाजियाबाद से रात 8 बजे रवाना किया गया।
सीआरएस (कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी) के निरीक्षण के बाद यह पहला मौका है जब गाजियाबाद-मेरठ रूट पर इलेक्ट्रिक इंजन के साथ मालगाड़ी को रवाना किया गया है।
पहली बार रवाना की गई इलेक्ट्रिक मालगाड़ी का सफर ठीक रहा तो इस रूट पर प्रतिदिन कुछ मालगाड़ियां इलेक्ट्रिक इंजन के साथ चलाई जाएंगी। उधर, रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस रूट पर जल्द ही मेमू ट्रेनों का संचालन शुरू किया जाएगा।