सूरजकुंड स्थित डेथ वैली में बुधवार शाम मौज मस्ती करने पहुंचे संगम विहार दिल्ली के तीन युवक डूब गए। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस और दमकल के जवान अंधेरा होने तक तीनों की तलाश करते रहे लेकिन सफलता नहीं मिली। एसएचओ सूरजकुंड इंस्पेक्टर पंकज कुमार के मुताबिक बृहस्पतिवार सुबह तीनों युवकों की तलाश की जाएगी।
संगम विहार दिल्ली में रहने वाले ऋषि गुप्ता, पवन गुप्ता, मिलन गुप्ता, अंकित गुप्ता अपने सात आठ दोस्तों के साथ बुधवार शाम सूरजकुंड इलाके में कृत्रिम झीलों में मौज मस्ती करने आए थे। अंकित गुप्ता के मुताबिक सभी दोस्त झील के किनारे खड़े होकर पानी से खेल रहे थे। ऋषि गुप्ता पानी से खेलते हुए आगे बढ़ गया, पैर फिसलने की वजह से वह पानी में डूबने लगा। उसे डूबता देख साथी पवन ने हाथ बढ़ाकर पकडने की कोशिश की और वह भी डूबने लगा, उन्हें बचाने मिलन आगे बढ़ा और वह भी डूबने लगा।
चंद सेकेंड में ही तीनों पानी में समा गए। अंकित ने तुरंत ही 100 नंबर पर घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही मौके पर सूरजकुंड पुलिस और फायर ब्रिगेड के गोताखोर पहुंचे और तीनों की तलाश शुरू कर दी। करीब ढाई घंटे की मेहनत के बावजूद गोताखोर पानी में डूब पवन, ऋषि और मिलन को नहीं खोज सके।
अंधेरा होने पर गोताखोरों को पानी के अंदर दिखना बंद हो गया। इसके बाद बृहस्पतिवार सुबह तीनों की खोज दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया गया। एसएचओ सूरजकुंड इंस्पेक्टर पंकज कुमार ने बताया कि तीनों संगम विहार के रहने वाले थे, बृहस्पतिवार सुबह फिर तलाश की जाएगी।
चेतावनी के बावजूद नहीं मानते लोग
सूरजकुंड थाना इंचार्ज इंस्पेक्टर पंकज कुमार ने बताया कि अरावली की पहाडिय़ों में खनन से हुए कई सौ फिट गहरे गड्ढों में पानी भरने से कृत्रिम झीलें बन गई हैं। खड़ा कटाव होने की वजह से इन झीलों डूबने की आशंका बहुत ज्यादा है। यही वजह है कि प्रशासन की ओर से जगह जगह चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। इसे डेथ वैली घोषित कर झीलों में नहाने, तैरने या किसी भी तरह के खेल की पाबंदी लगाई गई है बावजूद इसके लोग यहां आते हैं और अपनी जान गंवाते हैं। इन झीलों में हर साल गर्मियों में लोग मौत का शिकार होते हैं।