दक्षिण जिले की साइबर सेल ने ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश कर तीन आरोपियों को दबोचा है। आरोपी दो तरह से लोगों के साथ ठगी करते थे। एक तो गूगल ड्राइव से पीड़ित की फोटो उठा लेते थे और फिर उसे आपत्तिजनक बनाकर इंटरनेट पर डालने की धमकी देकर पैसे ऐंठते थे। दूसरा, ये पीड़ित से क्रेडिट कार्ड नंबर व उसका ओटीपी पूछकर ठगी करते थे। पुलिस ने इनके कब्जे से तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
दक्षिण जिला डीसीपी अतुल कुमार ठाकुर के अनुसार राजेंद्र सिंह नामक व्यक्ति ने महरौली थाने में शिकायत दी थी कि किसी ने उसका ई-मेल हैक कर क्रेडिट कार्ड से पैसे ट्रांसफर कर लिए हैं। शिकायतकर्ता ने कहा कि आरोपियों के पास उसके नए क्रेडिट कार्ड की भी जानकारी है। आरोपियों ने उसके परिवार की व्हाट्सएप पर अश्लील फोटो भेजी हैं और एक लाख रुपये मांग रहे हैं। पैसे नहीं देने पर फोटो इंटरनेट पर डालने की धमकी दे रहे हैं। केस दर्ज कर मामले की तफ्तीश साइबर सेल प्रभारी अजीत कुमार की टीम को सौंपी गई।
टीम को जांच में पता लगा कि आरोपी फर्जी आईडी पर लिए गए सिम से मोबाइल चला रहे हैं। आखिरकार इंस्पेक्टर अजीत सिंह की देखरेख में एसआई विजयपाल व सोहनलाल की टीम ने तीन आरोपी दीपक उर्फ बिट्टू, मो.अली और संचित सारस्वत को गिरफ्तार कर लिया। मो. अली गिरोह का मास्टरमाइंड है। इसने दीपक के साथ लोगों को ठगने की साजिश रची।
इन्होंने एक बैंक के क्रेडिट कार्ड यूनिट में काम करने वाले अपने दोस्त संचित से डाटा लिया। इसके बाद ये फोन कर पीड़ित से कहते थे कि उनके क्रेडिट कार्ड में जो कमी है वह पूरी कर दी गई है। इस बहाने ये पीड़ित से क्रेडिट कार्ड नंबर व ओटीपी पूछ लेते थे। ये पीड़ित के खाते से ऑनलाइन सोना खरीद लेते थे। इसके अलावा पीड़ित का ई-मेल ले लेते थे। ये पीड़ित के ई-मेल का पासवर्ड री सेट करते थे। किसी न किसी बहाने से ये पीड़ित का री-सैट पासवर्ड का ओटीपी पूछ लेते थे।