निसंतान परिवारों को मुंह मांगे दामों में बेचते थे
गिरोह गुजरात और राजस्थान से नवजात लाकर दिल्ली-एनसीआर के अमीर और निसंतान परिवारों को मुंह मांगे दामों में बेचते थे। इनके पास से एक नवजात बरामद किया गया है। पुलिस को गिरोह की मुखिया सरोज समेत अन्य आरोपियों की तलाश है।
ऐसे मिला गिरोह का सुराग
द्वारका जिला पुलिस उपायुक्त अंकित सिंह ने बताया कि स्पेशल स्टाफ को सूचना मिली थी कि कुछ लोग नवजात बच्चों की तस्करी कर रहे हैं। इस आधार पर टीम ने जानकारी जुटाना शुरू किया। 8 अप्रैल को पुलिस ने उत्तम नगर इलाके से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से तीन से चार दिन का एक नवजात बरामद हुआ। आरोपियों के खिलाफ उत्तम नगर थाने में विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया।
डॉक्टरो-दाइयों से था संपर्क
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि वे गुजरात, राजस्थान के अलावा दिल्ली व आस-पास के राज्यों में नवजात बच्चों की तलाश करते थे। इनका संपर्क कई अस्पतालों के अलावा झोलाछाप डॉक्टरों और गांव की दाइयों से था। यह लोग गरीब और मजबूर परिवारों को बहला फुसलाकर कुछ कीमत अदाकर उनसे बच्चे ले लिया करते थे। गिरोह के बाकी लोग दिल्ली-एनसीआर में बच्चे खरीदने वालों की तलाश करते थे और बाद में मुंहमांगा दाम मिलने पर बच्चे बेच देते थे। अमूमन एक बच्चे के लिए पांच से दस लाख रुपये की रकम वसूली जाती थी।